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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

स्वामी की विधानसभा सदस्यता खत्म, पहले ही दे दिया था इस्तीफा

By Ashish MishraEdited By:
Updated: Tue, 20 Sep 2016 05:28 PM (IST)

बसपा से बगावत कर भाजपा में आए पूर्व नेता प्रतिपक्ष और कुशीनगर जिले के पडऱौना विधान सभा क्षेत्र से निर्वाचित स्वामी प्रसाद मौर्य की सदस्यता सोमवार को निरस्त कर दी गयी।

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लखनऊ (जेएनएन) बसपा से बगावत कर भाजपा में आए पूर्व नेता प्रतिपक्ष और कुशीनगर जिले के पडऱौना विधान सभा क्षेत्र से निर्वाचित स्वामी प्रसाद मौर्य की सदस्यता सोमवार को निरस्त कर दी गयी। विधान सभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने यह फैसला दिया। मौर्य की सदस्यता 22 जून से समाप्त मानी जाएगी।

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बहुजन समाज पार्टी के विधान मंडल दल एवं नेता प्रतिपक्ष विधानसभा गया चरण दिनकर द्वारा स्वामी प्रसाद मौर्य के विरुद्ध याचिका दाखिल की गयी थी। अध्यक्ष ने इस याचिका को स्वीकार कर भारत के संविधान के दसवीं अनुसूची के प्रस्तर-दो (एक) (क) के अन्तर्गत यह आदेश पारित किया है।

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यद्यपि इस फैसले की आहट को भांपते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने गत दिनों विधानसभा की सदस्यता से खुद ही इस्तीफा दे दिया था। तब मौर्य ने कहा था कि जब हमने नेता प्रतिपक्ष जैसे पद से इस्तीफा दे दिया तो सदस्यता का क्या मतलब। उन्होंने कहा था कि अगर वह चाहते तो अदालत में जाते और चुनाव होने तक इस मामले को लंबित रख सकते थे।

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अब उप चुनाव की गुंजायश नहीं
सदस्यता समाप्त होने की स्थिति में संबंधित क्षेत्र में उप चुनाव की प्रक्रिया अपनायी जाती है, लेकिन अब पडऱौना विधानसभा क्षेत्र में उप चुनाव की गुंजायश नजर नहीं आ रही है। दरअसल, 2017 का विधानसभा चुनाव छह माह की अवधि से पहले ही होना है इसलिए उपचुनाव की प्रक्रिया नहीं अपनायी जाएगी।