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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 22, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीखें शीघ्र घोषित होने की संभावना

By Nawal MishraEdited By:
Published: Thu, 22 Dec 2016 08:27 PM (IST)Updated: Sat, 24 Dec 2016 07:33 PM (IST)

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तारीखें शीघ्र घोषित होने की संभावना है। केंद्रीय निर्वाचन उपायुक्त विजय देव ने ...और पढ़ें

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लखनऊ (जेएनएन)। केंद्रीय निर्वाचन उपायुक्त विजय देव ने कहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में थानेदार, पुलिस और कारागारों पर पैनी नजर रहेगी। निष्पक्ष चुनाव में बाधा खड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। हालांकि अब तक की तैयारियों पर उन्होंने संतुष्टि भी जतायी। चुनाव तिथियों के सवाल को गॉड नोज़ (भगवान ही जानता है) कहते हुए जल्द तिथि घोषित होने का संकेत भी दिया। आज लखनऊ व फैजाबाद मंडल की चुनावी तैयारियों की समीक्षा के बाद पत्रकारों से विजय देव ने कहा कि मतदाता सूची की खामियां दूर करने में राजनीतिक दलों की मदद ली जाएगी। उन्होंने कहा कि चुनाव तैयारी पर नोटबंदी का कोई असर नहीं होगा। आयोग के सूत्रों के मुताबिक केन्द्रीय चुनाव आयोग का एक दल जल्द ही पश्चिमी उप्र के कुछ मंडलों की समीक्षा भी कर सकता है।

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थाना और जेलों पर रहेगी नजर

निर्वाचन उपायुक्त ने कहा कि कारागारों में लगे जैमर, सीसीटीवी चौबीस घंटे ऑन रहेंगे। जेल की तलाशी में मोबाइल मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी। एडीजी (कानून-व्यवस्था) दलजीत चौधरी को ठोस कार्रवाई की हिदायत दी गयी है। चुनाव प्रक्रिया के दौरान होने वाले अपराध के लिए थानेदार को सीधे जिम्मेदार माना जाएगा। चुनाव ड्यूटी, दूरस्थ जिलों में तैनात अद्र्धसैनिक बल, पुलिस के जवानों को मतदान का अधिकार मिलेगा। इसके लिए आयोग ने इलेक्ट्रानिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट की सुविधा देने की तैयारी कर ली है। पुडुचेरी के उपचुनाव में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यह तरीका खासा सफल रहा।

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मूलभूत सुविधाएं भी होंगी

इस बार मतदान केन्द्रों में शौचालय, पेयजल, बिजली की सुविधा मुहैया रहेगी। जहां बिजली की दिक्कत है, वहीं गैर पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों की मदद ली जाएगी। दिव्यांगों को मताधिकार के दौरान विशेष सुविधाएं दी जाएंगी। राजनीतिक दलों, कार्यकर्ताओं व नागरिकों की समस्याओं के निराकरण के लिए तैयार सुविधा और समाधान नाम के साफ्टवेयरों का मोबाइल फोन एप्लीकेशन भी जल्द लांच किया जाएगा। इसके जरिए राजनीतिक दल चुनाव आयोग से रैलियों, जनसभा, रोड शो, गाडिय़ों के इस्तेमाल की अनुमति ले सकेंगे।

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