Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 06, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    मथुरा-जवाहरबाग कांड : रामवृक्ष व समर्थक 26 मौत के गुनहगार

    By Dharmendra PandeyEdited By:
    Updated: Tue, 06 Sep 2016 11:20 AM (IST)

    चार्जशीट के साथ लगाए करीब दो हजार पन्नों में इस तथ्य के सुबूत दिए गए हैं। हिंसा और बवाल का साक्षी अधिकांशत: उद्यान विभाग, पुलिस और तहसील कर्मियों को ब ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    मथुरा (मनोज चौधरी)। भगवान कृष्ण की नगरी मथुरा के जवाहर बाग में हुई हिंसा में मारे गए 26 लोगों और सैकड़ों घायलों के गुनहगार रामवृक्ष और उसके साथी थे। जवाहर बाग कांड में दर्ज किए गए मुकदमे की चार्जशीट में पुलिस ने यही लिखा है।

    चार्जशीट के साथ लगाए करीब दो हजार पन्नों में इस तथ्य के सुबूत दिए गए हैं। हिंसा और बवाल का साक्षी अधिकांशत: उद्यान विभाग, पुलिस और तहसील कर्मियों को बनाया गया है।

    मथुरा के जवाहरबाग कांड के 47 मुकदमों में चार्जशीट

    मथुरा में मार्च 2014 में जवाहर बाग पर कब्जे को हटवाने के लिए बीती दो जून को रेकी करने गई पुलिस पर स्वाधीन भारत विधिक सत्याग्रह संगठन के मुखिया रामवृक्ष यादव ने अपने ढाई-तीन हजार समर्थकों के साथ हमला बोला दिया था।

    मथुरा हिंसा : दो वर्ष तक चली तालिबानी हुकूमत, लड़कियों की पिटाई

    हमले में तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेद्वी और एसओ फरह संतोष कुमार यादव शहीद हो गए थे, जबकि 24 कथित सत्याग्रही मारे गए और एक सैकड़ा से ज्यादा लोग घायल हुए थे। थाना सदर में जवाहरबाग ङ्क्षहसा में दर्ज हुए 58 मुकदमों में थाना सदर बाजार और क्राइम ब्रांच ने 47 में आरोप पत्र दाखिल कर दिए हैं और इनमें 266 लोगों को नामजद मुल्जिम बनाया। अज्ञात में करीब ढाई हजार आरोपी हैं।

    जवाहर बाग संघर्ष में गिरफ्तार 96 महिलाओं की जमानत नहीं

    कोर्ट में दाखिल आरोप पत्र में पुलिस ने स्वाधीन भारत विधिक सत्याग्रह संगठन के कथित मुखिया रामवृक्ष और उसके समर्थकों को पुलिस ने कब्जाधारी बताते हुए 26 मौतों के लिए भी रामवृक्ष और उसके साथियों को दोषी करार दिया है। चार्जशीट के साथ संलग्न करीब दो हजार पन्नों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल की जांच रिपोर्ट व घायलों की मेडिकल रिपोर्ट व अन्य सुबूत लगाए हैं। साथ ही गवाह बनाए गए 33 सरकारी कर्मचारियों के बयान हैं।

    खबरें और भी

    Mathura Clash: असलहा आपूर्ति का सुराग मिलने पर आएगा निर्णायक मोड़

    विवेचक ने रिपोर्ट में लिखा है कि कब्जाधारियों को बाग खाली करने को सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय से नोटिस जारी किए गए थे। जवाहर बाग के मुख्य गेट पर नोटिस चस्पा किया था, रामवृक्ष को भी नोटिस तामील कराया और मुनादी भी कराई गई थी। नोटिस में स्पष्ट किया गया था कि कब्जा हटाने के लिए बलपूर्वक कार्रवाई के दौरान कोई जनहानि होती है तो उसके लिए रामवृक्ष और उसके समर्थक दोषी होंगे।

    Mathura Clash : रामवृक्ष का शव लेने से परिवार वालों का इन्कार

    पूनम के अलावा दो दर्जन महिलाएं भी शामिल

    चार्जशीट में जवाहरबाग में हिंसा में मौतों के लिए रामवृक्ष के दाहिने हाथ रहे चंदन बोस की पत्नी पूनम बोस उर्फ पूनम तिवारी को भी जिम्मेदार ठहराया गया है। जवाहर कांड के बाद दोनों को पुलिस ने जेल भेजा था। फिलहाल चंदन पर रासुका प्रस्तावित है।

    Mathura Clash: पहले ऑपरेशन अब डैमेज कंट्रोल, बदली अफसरों की जुबां

    वहीं बलवा, मारपीट और जानलेवा हमले में विमला, कमलेश, रामवती, रामसिंगारी देवी, इंद्रा समेत दो दर्जन से अधिक महिलाओं के खिलाफ भी आरोप पत्र दाखिल किया गया है।

    डीएम और एसएसपी भी गवाह

    जांच में तत्कालीन डीएम राजेश कुमार, एसएसपी डॉ. राकेश कुमार सिंह को भी गवाह बनाया गया है, जबकि घटना से पहले व्याप्त तनाव के मद्देनजर तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट के बयान दर्ज किए हैं।

    जवाहरबागः सत्याग्रहियों ने मैदान में उतारे बच्चों और महिलाओं के जत्थे