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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 16, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यहां की नदियों में रोमांच का लुत्फ उठा रहे विदेशी पर्यटक

By BhanuEdited By:
Updated: Fri, 17 Mar 2017 05:03 AM (IST)

चमोली जनपद में अलकनंदा और पिंडर नदी विदेशी पर्यटकों के लिए साहसिक खेल गतिविधियों की पसंद बनी हैं। यहां पर्यटक राफ्टिंग का लुत्फ उठा रहे हैं।

यहां की नदियों में रोमांच का लुत्फ उठा रहे विदेशी पर्यटक
यहां की नदियों में रोमांच का लुत्फ उठा रहे विदेशी पर्यटक

गोपेश्वर, [जेएनएन]: चमोली जनपद में अलकनंदा और पिंडर नदी विदेशी पर्यटकों की राफ्टिंग के लिए पहली पसंद बन गई है। हेलंग से लेकर बिरही तक इन दिनों राफ्टिंग के लिए बेहतर रैपिड बने हैं। जर्मनी का पांच सदस्यीय पर्यटकों का दल लगातार राफ्टिंग कर यहां के लोगों को साहसिक खेलों की ओर आकर्षित करने का प्रयास कर रहा है। 

चमोली जिले में साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। अलकनंदा व पिंडर नदियों पर राफ्टिंग व क्याकिंग के लिए विश्व स्तरीय रैपिड हैं। यही वजह है कि गर्मियों के दौरान विदेशी पर्यटक इन नदियों में राफ्टिंग व क्याकिंग करने के लिए आते हैं। 

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अलकनंदा नदी पर हेलंग व बिरही के बीच पानी के खेलों के लिए बेहतर रैपिड हैं। यहां पर विदेशी पर्यटक लगातार आकर साहसिक खेलों का लुफ्त उठा रहे हैं। इन दिनों जर्मनी के पांच पर्यटकों का दल हेलंग से लेकर बिरही तक दो दिनों से राफ्टिंग कर रहा है। 

दल के सदस्य मार्टिन थॉमस का कहना है कि अलकनंदा नदी राफ्टिंग समेत पानी के अन्य खेलों के लिए बेहतर है। उनका कहना है कि उनके दोस्त गत माह राफ्टिंग कर देश लौटे। उनमें से कुछ मित्रों ने फिर से भारत आने की इच्छा जाहिर की। 

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मार्टिन का कहना है कि स्थानीय लोगों को भी राङ्क्षफ्टग के क्षेत्र में नदियों में प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। पर्यटन विशेषज्ञ हेलंग निवासी महेंद्र सिंह बिष्ट का कहना है कि अलकनंदा नदी में राफ्टिंग की अपार संभावनाएं हैं। उनका कहना है कि प्रत्येक वर्ष विदेशी पर्यटक हेलंग से लेकर बिरही तक राफ्टिंग कर रहे हैं। 

इस वर्ष विदेशी पर्यटकों की यहां अच्छी खासी आमद हो रही है। इससे स्थानीय लोगों को भी रोजगार प्राप्त हो रहा है। उनका कहना है कि अगर पर्यटन विभाग योजनाओं को सही तरीके से अमलीजामा पहनाए तो यहां की नदियों में राफ्टिंग, क्याकिंग और अन्य पानी के खेलों का आनंद लेने के लिए अधिक संख्या में विदेशी पर्यटक आ सकते हैं। 

जिला पर्यटन अधिकारी सुरेश कुमार का कहना है कि चमोली जिले के युवाओं को भी राफ्टिंग, क्याकिंग आदि खेलों में समय समय पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ताकि इस क्षेत्र में बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सके।

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