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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 20, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    पूर्व विधायक भीमलाल आर्य मुख्‍यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे

    By sunil negiEdited By:
    Updated: Sat, 20 Aug 2016 10:12 PM (IST)

    पूर्व विधायक भीमलाल आर्य आज मुख्यमंत्री हरीश रावत के आवास के बाहर धरने के बाहर बैठ गए। उन्‍होंने सीएम पर उनका बलिदान को भूल जाने का आरोप लगाया। ...और पढ़ें

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    देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: मुख्यमंत्री हरीश रावत के प्रति पूर्व विधायक भीमलाल आर्य की नाराजगी बढ़ती ही जा रही है। राज्य अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास परिषद के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुके आर्य आज मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने मुख्यमंत्री को चालबाज और अपना मतलब निकलने के बाद उनकी तपस्या व बलिदान को भूल जाने का आरोप लगाया।

    घनसाली के पूर्व विधायक भीमलाल आर्य ने कहा कि उन्होंने उस वक्त मुख्यमंत्री हरीश रावत व कांग्रेस का साथ दिया, जब सरकार बड़े संकट के दौर से गुजर रही थी। अफसोस कि मुख्यमंत्री रावत अब उनकी इस तपस्या व बलिदान को भूल गए।

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    उन्होंने कहा कि बेशक मुख्यमंत्री उनके बलिदान को भुला सकते हैं, लेकिन परमात्मा उनके त्याग व बलिदान को याद रखेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत अपना मतलब निकलने के बाद साथ देने वाले लोगों को भूल रहे हैं, लेकिन कभी कभी ज्यादा चालबाज होना भी बड़ा नुकसानदेह हो जाता है।

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    आर्य ने कहा कि जरूरत से ज्यादा चालबाजी कभी कभी अपने का ही भारी पड़ती है। ऐसी स्थिति में चालबाज व्यक्ति स्वयं इसका शिकार हो जाता है और तब 'नींबू' निचोड़ने की भी शक्ति नहीं रह जाती। उन्होंने कहा कि वह घनसाली को पिछड़ा क्षेत्र घोषित करने व क्षेत्र के विकास की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के दरवाजे पर धरने पर बैठे हैं।

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