यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 09, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सीएम हरीश रावत बोले, मैं खोलता हूं केंद्रीय मंत्रियों की पोल
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि केंद्रीय मंत्री यहां आकर राजनीति कर रहे हैं। उन्हें जनता को सच बताना चाहिए, न कि भ्रम फैलाना चाहिए। ...और पढ़ें

देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पत्रकारों से बातचीत में केंद्र सरकार से मिलने वाले धन पर कहा कि केंद्रीय मंत्री बोल रहे है कि उत्तराखंड को बहुत पैसा मिला है, जबकि अभी तक सूबे को 2254 करोड़ में से केवल 905 करोड़ मिला है। सीएम ने कहा कि अभी तक राज्य ने जो खर्च किया है वो अभी तक 1400 करोड़ खर्च किया है और उसमें से 500 करोड़ रुपया राज्य का पैसा है जो राज्य ने खर्च किया है।
राजधानी देहरादून में मुख्यमंत्री हरीश रावत बातचीत के दौरान पूरे रंग में नजर आए। उनकी बातें उनका होमवर्क बयां कर रही थी। सीएम ने कहा कि राज्य के लोगों के सामने स्थिति साफ होने चाहिए। कहा कि एससीएसटी छात्रवृत्ति में केन्द्र ने राज्य को 160 करोड़ रुपये देना था, लेकिन राज्य को 75 करोड़ रुपये ही मिला है।
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उन्होंने कहा कि ये योजना पूरी तरह से केंद्र पोषित योजना है। राज्य ने पहले 75 करोड़ रुपये खर्च किये थे। सीएम ने कहा कि केंद्रीय मंत्री उत्तराखंड में राजनीती कर रहे है, वे जनता के सामने सच बात करे। न कि भम फैलाये। सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार के पास राज्य का फण्ड बचा है। उसमें राज्य सरकार ने स्पार, सीएस एसआर, फूड सब्सिडी पर 1751 करोड़ रुपये केंद्र से फण्ड मांगा है। राज्य सरकार को सीएसएसआर में 250 करोड़ मिला।
1751 करोड़ में से राज्य को 731 करोड़ रुपये ही प्राप्त हो पाए हैं।
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सीएम यही नहीं रुके। उन्होंने कहा कि पीने के पानी के लिए केन्द्र से 578 करोड़ मांगा गया। 71 करोड़ हरिद्वार एमएलडी के लिए मांगे थे। वहीं नेशनल खेलों के लिए 570 करोड़ रुपये मांगे गए थे।
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नोटबंदी पर राजस्व में भारी गिरावट
सीएम हरीश रावत ने कहा कि नोटबंदी से राज्य की आय में असर पड़ा है। राजस्व में 21 फीसदी की गिरावट आई है। मंडी परिषद में 30 फीसदी की गिरावट हुई है। जीएमवीएन और केएमवीएन में 18 फीसदी की गिरावट आई।