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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 17, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एक तरफ डेंगू का हाहाकार, दूसरी तरफ एलाइजा किट की खरीद में खेल

By BhanuEdited By:
Published: Mon, 17 Oct 2016 01:24 PM (GMT+05:30)Updated: Tue, 18 Oct 2016 04:00 AM (GMT+05:30)

दून में जहां डेंगू को लेकर हाहाकार मचा है, स्वास्थ्य विभाग ने एलाइजा किट की खरीद में ही खेल कर ...और पढ़ें

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देहरादून, [सुकांत ममगाईं]: दून में जहां डेंगू को लेकर हाहाकार मचा है, स्वास्थ्य विभाग ने एलाइजा किट की खरीद में ही खेल कर दिया। इतना ही नहीं, सप्लायर और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से एक नहीं, बल्कि दो-दो बार घालमेल किया गया। खरीद न सिर्फ बाजार भाव से अधिक दाम पर हुई, बल्कि अधिकारियों ने नियमों को भी धता बता दिया।
राजधानी में डेंगू की आमद होने के साथ ही सीएमओ कार्यालय ने एलाइजा जांच किट की खरीद के लिए टेंडर किए। टेंडर 19 हजार रुपये प्रति किट के हिसाब से किया गया। विभाग ने कंपनी से सौ से अधिक किट की खरीद की। लेकिन, डेंगू का प्रकोप बढ़ने पर डिमांड भी बढ़ गई। इस पर कंपनी ने किट देने से हाथ खड़े कर दिए।

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इसके बाद विभाग ने एक अन्य कंपनी से किट की खरीद की। यह खरीद 17500 रुपये प्रति किट की गई। वहीं, जब पहली फर्म को इसकी भनक लगी तो उसने टेंडर की बात कहकर सप्लाई रुकवा दी। बहरहाल, विभाग ने एक ही तरह की किट दो फर्मों से अलग-अलग दाम पर खरीदी। जबकि, मार्केट सर्वे में पता लगा कि किट का असल मूल्य 16 हजार रुपये ही है।

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मतलब विभाग ने इसे अधिक दाम पर खरीदा। राजधानी में अब तक 1165 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। ऐसे में साफ है कि विभागीय अधिकारियों ने किट की खरीद में बड़ा घालमेल किया। जिसकी आला अधिकारियों को भनक तक नहीं है।

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नियम तक दरकिनार
विभाग ने न सिर्फ बाजार भाव से अधिक दाम पर किट खरीदी, बल्कि टेंडर के नियम भी ताक पर रख दिए। नियमानुसार कोई भी खरीद बाजार भाव से 22 फीसदी कम दामों पर की जाती है, लेकिन विभाग ने इसे भी दरकिनार कर दिया।
कितनी किट, पता नहीं
विभागीय अधिकारी खरीद में अंतर की बात खुद स्वीकार रहे हैं, लेकिन उन्हें यह तक नहीं पता कि खरीद कितनी की गई। यानी इसका कोई रेकॉर्ड नहीं है।

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मामला खुला, तब आया होश
डेंगू की आमद हुए तीन माह का वक्त बीत चुका है। तभी से विभाग जांच किट खरीद रहा है। हैरत देखिए कि अधिकारियों की आंखें तबखुलीं, जब इस विषय में उनसे पूछा गया। अब जबकि मामला खुल गया है, सप्लायर को बाजार मूल्य पर किट देने को कहा गया है।

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अब बाजार मूल्य पर लेंगे किट
देहरादून के प्रभारी सीएमओ डॉ. वाईएस थपलियाल के मुताबिक खरीद को लेकर कुछ भ्रम हो गया था। सप्लायर से बात हुई है। अब किट बाजार मूल्य पर ही खरीदी जाएगी।

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