यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 25, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गढ़वाल-कुमाऊं में आवाजाही को नहीं जाना पड़ेगा यूपीः हरक सिंह
सूबे के वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की प्राथमिकताओं में गढ़वाल को कुमाऊं से जोड़ने वाले कंडी मार्ग को यातायात के लिए फिर से खोलना है। ...और पढ़ें

देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: प्रदेश सरकार अब पौड़ी जनपद के कंडी मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में विकसित करने की तैयारी में है। सूबे के वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने इसके लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर कंडी मार्ग (गैंडीखाता-लालढांग-चिल्लरखाल-कलालघाटी-कोटद्वार-पाखरौ-कालागढ़-रामनगर) को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का अनुरोध किया है।
गढ़वाल को कुमाऊं से जोड़ने वाले कंडी मार्ग को यातायात के लिए फिर से खोलना मौजूदा सरकार की प्राथमिकताओं में है। इस मार्ग के खुलने से कोटद्वार से रामनगर की दूरी तकरीबन 35 किमी कम हो जाएगी। अभी रामनगर जाने के लिए लोगों को उत्तर प्रदेश से होकर गुजरना पड़ता है। यह मार्ग बनने से न केवल दूरी कम होगी बल्कि प्रदेश के भीतर से ही लोग रामनगर पहुंच सकेंगे।
इससे बार-बार टोल टैक्स देने आदि की समस्याओं का भी समाधान होगा। प्रदेश सरकार ने इस मार्ग को बनाने की जिम्मेदारी वन एवं पर्यावरण मंत्री हरक सिंह रावत को सौंपी है। कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि इस मार्ग को दो चरणों में बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
पहले चरण में गैंडीखाता से कोटद्वार तक मार्ग बनाया जाएगा। दूसरे चरण में कोटद्वार से कालागढ़ होते हुए रामनगर तक मार्ग बनाया जाएगा। दूसरे मार्ग में राष्ट्रीय पार्क होने के कारण यहां फ्लाईओवर आदि बनाए जाने हैं। इसके लिए इसमें ज्यादा काम होगा।
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उन्होंने कहा कि इसके लिए भी डीपीआर बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे पहले इस मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में घोषित कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों कोटद्वार दौरे पर आए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसके लिए मौखिक सहमति प्रदान की थी। अब इसे विधिवत राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में विकसित करने के लिए प्रस्ताव बनाकर केंद्र को भेजा गया है।
सुबह छह से शाम छह बजे तक खुलेगा लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग
कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने बताया कि सरकार की योजना फिलहाल अभी लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग को सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक खोलने की है ताकि लोग इस मार्ग का भी उपयोग कर सकें।
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