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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 12, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बोले हरीश रावत, दिशाहीन और संकल्पविहीन है सरकार का बजट

By BhanuEdited By:
Updated: Mon, 12 Jun 2017 08:41 PM (IST)

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बजट को दिशाहीन व संकल्पविहीन करार दिया। उन्होंने कहा कि बजट में जिन योजनाओं का जिक्र है, उनमें से 50 प्रतिशत कांग्रेस कार्यकाल की हैं।

बोले हरीश रावत, दिशाहीन और संकल्पविहीन है सरकार का बजट
बोले हरीश रावत, दिशाहीन और संकल्पविहीन है सरकार का बजट

देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बजट को दिशाहीन व संकल्पविहीन करार दिया। उन्होंने कहा कि बजट में जिन योजनाओं का जिक्र है, उनमें से 50 प्रतिशत कांग्रेस कार्यकाल की, 30 प्रतिशत केंद्रीय योजना व शेष 20 प्रतिशत योजनाएं विभिन्न विभागों की वार्षिक रिपोर्ट पर आधारित हैं। सरकार के कर रहित बजट के दावे को गलत बताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पहले ही विभिन्न माध्यमों से राज्य के लोगों पर बिजली, पानी, राशन व सेस के जरिए 1300 करोड़ रुपये का भार डाल दिया है। यहां तक कि बजट में दिए गए आंकड़े भी विरोधाभासी हैं।

कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि बजट में गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों और बेरोजगारों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों को दिए जाने वाले बजट में 18 से 20 प्रतिशत तक की कटौती की गई है। 

उन्होंने कहा कि प्रदेश की आबादी के 50 से 52 फीसदी लोग ओबीसी, एससी, एसटी व अल्पसंख्यक समुदाय से हैं। समाज कल्याण विभाग इनके लिए योजना बनाता है। बजट भाषण में इसका भी उल्लेख नहीं किया गया है। समाज कल्याण के बजट में तकरीबन 45 फीसद की गिरावट नजर आ रही है जो बेहद चिंताजनक है। महिला सशक्तिकरण व बाल विकास विभाग में भी 15 फीसद से अधिक की गिरावट है।

यही नहीं, प्रदेश में औद्यानिकी का भी जिक्र नहीं किया गया है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के संस्कृति विभाग का जिक्र भी बजट में नहीं किया गया है। गैरसैंण के विकास के लिए बनाए गए गैरसैंण अवस्थापना विकास निगम का भी कोई उल्लेख नहीं किया गया है। मलिन बस्तियों के लिए बनाई गई जन आवास योजना का भी कोई जिक्र नहीं है। 

उन्होंने कहा कि मौजूदा योजनाओं के हिसाब से राजस्व वृद्धि 36 प्रतिशत से अधिक होने की संभावना है। ऐसे में गत वर्ष की तुलना में 600 करोड़ की कमी के साथ लाया गया बजट सरकार की दुर्बलता को दर्शाता है। इस मौके पर विधायक मनोज रावत भी मौजूद थे।

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