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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 29, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बच्‍ची को निवाला बनाने वाले नरभक्षी तेंदुए को मार गिराया

By sunil negiEdited By:
Updated: Sun, 29 Nov 2015 01:16 PM (IST)

यमकेश्वर ब्‍लॉक के गड़कोट गांव में पिछले कुछ दिनों से सक्रिय नरभक्षी तेंदुए को शिकारियों ने मार गिराया है। इससे गांव के लोगों ने राहत की सांस ली।

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ऋषिकेश (देहरादून)। यमकेश्वर ब्लॉक के गड़कोट गांव में पिछले कुछ दिनों से सक्रिय नरभक्षी तेंदुए को शिकारियों ने मार गिराया है। इससे गांव के लोगों ने राहत की सांस ली।
ब्लॉक के डांडा मंडल क्षेत्र में कुछ दिनों से आदमखोर तेंदुए सक्रिय था। तेंदुए ने बीते 23 नवंबर को ग्रामीण देवी सिंह की आठ वर्षीय पुत्री संतोषी को निवाला बनाया था। संतोषी अपने पिता व दादी के साथ गांव लौट रही थी। दादी का हाथ पकड़ कर चल रही है संतोषी को तेंदुआ झपटमार कर जंगल ले गया था।

रात ही ग्रामीणों ने धारकोट के जंगलों से उसका अधखाया शव बरामद कर लिया था। क्षेत्र में तेंदुए के हमले की सप्ताह भर में यह दूसरी घटना थी। इससे ग्रामीणों में भारी रोष था। ग्रामीणों ने वन विभाग व प्रशासन से तेंदुए को आदमखोर घोषित करने वह उसे मार गिराने की मांग की थी।

इसके बाद घटना के अगले दिने प्रशासन ने तेंदुए को नरभक्षी घोषित करते हुए शिकारियों की टीम यहां भेजी थी। तब से लेकर लगातार शिकारी तेंदुए की तलाश में जूट थे। बीती देर रात बड़कोट गांव से नाली खेत को जाने वाले मार्ग पर शिकारियों का सामना तेंदुए से हुआ।

शिकारी बलवीर पंवार से तेंदुए को मार गिराया। उनके साथ शिकारी जॉय हुकिल, चंद्र मोहन रावत व दयाल सिंह भी शामिल थे। तेंदुए के मारे जाने के बाद ग्रामीणों में संतोष है। आज ग्रामीणों ने गांव में शिकारी दल का स्वागत किया। उप प्रभागीय वन अधिकारी जीएस रावत ने बताया कि मौके पर ही तेंदुए का पोस्टमार्टम कर उसे दफनाया जाएगा।

फिलहाल तेंदुए की पहचान कर ली गई है। मारा गया तेंदुआ ही आदमखोर था, इस बात का पता तेंदुए के दांत और पंजो के निशान से लगाया जा चुका है।
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