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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 19, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्तराखंडः पहाड़ों में मौसम की आफत, सात घर क्षतिग्रस्त

By BhanuEdited By:
Published: Fri, 19 May 2017 11:25 AM (GMT+05:30)Updated: Sat, 20 May 2017 05:00 AM (GMT+05:30)

मौसम की करवट ने भले ही गर्मी से कुछ राहत दी हो, लेकिन पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा, अंधड़ मुसीबत का ...और पढ़ें

उत्तराखंडः पहाड़ों में मौसम की आफत, सात घर क्षतिग्रस्त
उत्तराखंडः पहाड़ों में मौसम की आफत, सात घर क्षतिग्रस्त

देहरादून, [जेएनएन]: मौसम की बदली करवट ने भले ही गर्मी से कुछ राहत दी हो, लेकिन पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा, अंधड़ मुसीबत का सबब भी बने हैं। पिथौरागढ़ व बागेश्वर जिलों में जोरदार बारिश के दरम्यान आधा दर्जन से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा, जबकि सड़क का मलबा आने से एक घर खतरे की जद में आ गया। कई घरों में मलबा भी घुसा और कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रही। 

उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। वहीं, उत्तरकाशी जिले के पुरोला क्षेत्र के मटियाली छानी में कई घरों में पानी और मलबा जा घुसा। फसलों को भी खासा नुकसान पहुंचा है। दारसौं गांव में एक घर क्षतिग्रस्त हो गया। 

इस बीच चमोली जिले में बदरीनाथ समेत कई जगह वर्षा हुई, जबकि सूबे के अधिकांश हिस्सों में आंशिक से लेकर आमतौर पर बादल छाये रहे। मौसम विभाग के मुताबिक अभी राज्य में कुछ स्थानों में हल्की से मध्यम वर्षा अथवा गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

पिथौरागढ़ जिले के बजेटी गांव में सड़क का मलबा आने से एक घर के लिए खतरा पैदा हो गया है। गैडालीनाडू गांव में एक घर की छत अंधड़ में उड़ गई, जबकि जौलजीवी में दो और पंचपाली में एक घर क्षतिग्रस्त हुआ। थाम, गर्जिया, विजयसार के जंगलों में बड़े पैमाने पर पेड़ उखड़ गए। बारिश-अंधड़ से दूती सहित तीन गांव अंधेरे में हैं।

बागेश्वर जिले में दो घरों को क्षति पहुंची। मलबा आने से टनकपुर-तवाघाट हाईवे बलधार के पास करीब तीन घंटे बाधित रहा।

इधर, उत्तरकाशी के पुरोला क्षेत्र में पाणी गांव के कताड़ी, हुडोली में मूसलाधार बारिश से दो हेक्टेयर फसल बरबाद हो गई। पाणी गांव के बरसाती नाले के उफान से हुडोली-बेणाई मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया, जिसे गुरुवार सुबह जैसे-तैसे खोला जा सका। 

यही नहीं, मटियाली छानी में छह से ज्यादा घरों में पानी व मलबा घुसने से ग्रामीण परेशान रहे। डामटा क्षेत्र के दारसों गांव में भारी बारिश के दौरान ओमप्रकाश के घर की पिछली दीवार टूट गई। इस परिवार ने अन्यत्र शरण ली है। एसडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि बारिश से हुई क्षति की रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को भेजी जा रही है।

मैदानी क्षेत्रों में कुछ राहत

गर्मी से उबल रहे मैदानी इलाकों को बुधवार देर शाम हुई बारिश के बाद पारे की उछाल से कुछ राहत मिली है। देहरादून की ही बात करें तो यहां अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री नीचे लुढ़ककर 34.2 पर आ गया। ऐसी ही स्थित पंतनगर, हरिद्वार, रुड़की, ऊधमसिंहनगर समेत अन्य क्षेत्रों की भी रही।

मसूरी में बारिश के साथ गिरे ओले

अचानक मौसम ने फिर करवट ली और ओलों के साथ जमकर बारिश हुई जो लगभग एक घंटे तक जारी रही। तेज बारिश से बरसाती नालों में उफान आ गया, सड़कों पर पानी बहने लगा। बारिश के कारण गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली है। इलाके में ठंड महसूस होने लगी जिससे लोगों को हल्के गरम कपड़े फिर से बाहर निकलने पड़े। लंढौर एवं कैंट एरिया में सड़कों पर ओलों की सफेद चादर बिछ गई पिछले दो दिनों से समूचे क्षेत्र का मौसम सुहावना बना हुआ है।

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