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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 16, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गंगा नहीं बची तो नष्ट हो जाएगा तीर्थत्व : स्वामी शिवानंद

By sunil negiEdited By:
Updated: Sun, 17 Apr 2016 09:17 AM (IST)

अखिल भारतीय युवा तीर्थ पुरोहितों के बाद अब मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि धर्मनगरी में मानकों के विपरित लगातार खनन जारी है और गंगा नहीं बची तो यहां का तीर्थत्व नष्ट हो जाएगा।

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हरिद्वार। अखिल भारतीय युवा तीर्थ पुरोहितों के बाद अब मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि धर्मनगरी में मानकों के विपरित लगातार खनन जारी है और गंगा नहीं बची तो यहां का तीर्थत्व नष्ट हो जाएगा।
मातृ सदन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि हरिद्वार में जिला प्रशासन की शह पर लगातार मानकों के विपरित खनन किया जा रहा है। जिला प्रशासन खनन माफिया से मिला हुआ है। हरिद्वारवासियों को सोचना चाहिए कि यदि गंगा नहीं बचेगी तो तीर्थत्व नष्ट हो जाएगा।

गंगा में जल ना होने का ही कारण है कि यहां बैसाखी में इस बार अनुमान के मुताबिक श्रद्धालु नहीं पहुंचे, जबकि पूर्व के वर्षों में बैसाखी पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार आते थे। मेला प्रशासन ने देवप्रयाग तक तो मेला क्षेत्र का विस्तार किया, लेकिन भोगपुर तक मेला क्षेत्र का विस्तार नहीं किया।

उन्होंने परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि पर निशाना साधते हुए कहा कि चिदानंद मुनि को हिंदू धर्म के शास्त्रों का ज्ञान नहीं है। इसलिए उन्होंने भाजपा वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की पत्नी कमला आडवाणी की कुछ अस्थियों को गंगा में प्रवाहित न कराकर परमार्थ निकेतन में पौधे के नीचे दबवा दी, जो हिंदू धर्म के शास्त्रों के अनुसार बिल्कुल गलत है। अस्थियों का विसर्जन समुद्रगामी नदियों में होता है।


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