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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 22, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    कुमाऊं में मौत बनकर बरस रहे मेघ, मरने वालों की संख्‍या 32 पहुंची

    By gaurav kalaEdited By:
    Updated: Wed, 22 Jun 2016 10:39 AM (IST)

    कुमाऊं क्षेत्र में बारिश आफत बनकर बरस रही है। लगातार बारिश से पर्वतीय क्षेत्र के आधा दर्जन मार्ग भूस्खलन के चलते बंद हो गए हैं। ...और पढ़ें

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    हल्द्वानी, नैनीताल, [जेएनएन]: कुमाऊं क्षेत्र में बारिश आफत बनकर बरस रही है। लगातार बारिश से पर्वतीय क्षेत्र के आधा दर्जन मार्ग भूस्खलन के चलते बंद हो गए हैं। बागेश्वर जिले के कफलखेत में तो बारिश के दौरान मलबा गिरने से मजदूर गिरिराज (22 वर्ष) पुत्र नन्हें की मौत हो गई।
    वह यहां जीएलटी प्राइवेट लिमिटेड मेरठ द्वारा निर्मित कराए जा रहे विद्युत पावर स्टेशन में मजदूरी करने आया था। उत्तराखंड में बारिश, तूफान व भूस्खलन से अब तक 32 लोगों की जान जा चुकी है।

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    उधर, नैनीताल के कालाढूंगी क्षेत्र के उदयपुरी गांव निवासी मोहनलाल के घर पर आकाशीय बिजली गिरने से मकान क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि एक मवेशी की मौके पर मौत हो गई। चंपावत जिले में मां पूर्णागिरि मार्ग पर बाटनागाड़ के पास मलबा आने से दिनभर यातायात ठप रहा।

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    हल्द्वानी-रामनगर व हल्द्वानी-चोरगलिया मार्ग पर नालों के उफान के चलते कई घंटे यातायात बाधित रहा। पिथौरागढ़ जिले में आधा दर्जन सड़कें बंद है। बलौत के पास सड़क धंसने से जौलजीवी-मदकोट- मुनस्यारी मार्ग बंद हो गया है। वहीं, नाचनी-बांसबगड़ मार्ग 76 घंटे बाद भी यातायात के लिए नहीं खुल सका है।

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