यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 27, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नाले व नहरों में कूड़ा बहाने पर तीन कंपनियों को नोटिस
सिडकुल एरिया में वेस्ट मेटीरियल नालों व नहर में फेंकने पर कड़ा रुख अपनाते हुए हाई कोर्ट ने सरकार व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जवाब तलब किया है। ...और पढ़ें

नैनीताल, [जेएनएन]: कूड़ा करकट व प्रदूषित पानी नहरों व नाले में निस्तारित करने पर हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने ऊधमसिंह नगर जिले के सितारगंज सिडकुल क्षेत्र की औद्योगिक इकाईयों गोल्डन इन्फाकॉम, पारले एग्रो तथा हिंदुस्तान कोकाकोला प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी कर राज्य सरकार व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) और निदेशक सिडकुल का जवाब तलब किया है।
इस मामले में सितारगंज क्षेत्र की सर्वधर्म विकास समिति ग्राम सिसैया कल्याणपुर के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने जनहित याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया है कि इन कंपनियों द्वारा नालों व नहरों में वेस्ट मैटरियल छोड़ा जा रहा है।
इससे फसलें बर्बाद होने के साथ ही आसपास की करीब पांच हजार की आबादी का स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है। याचिकाकर्ता का कहना था कि बार-बार शिकायतों के बाद भी इन कंपनियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नही की गई। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केएम जोसफ व न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंडपीठ में हुई।