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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 30, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    हाई कोर्ट: चुनाव प्रक्रिया तक शराब बंदी हो या नहीं, विचार करे चुनाव आयोग

    By Gaurav KalaEdited By:
    Updated: Sat, 31 Dec 2016 06:40 AM (IST)

    एक जनहित याचिका की सुनवाई के बाद नैनीताल हाई कोर्ट ने उत्‍तराखंड में चुनाव अधिसूचना से चुनाव सम्‍पन्‍न होने तक शराब बंदी को लेकर विचार करने की जिम्‍मे ...और पढ़ें

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    नैनीताल, [जेएनएन]: हाई कोर्ट ने केंद्रीय निर्वाचन आयोग से उत्तराखंड राज्य विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने से चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न होने तक उत्तराखंड में शराब बंदी लागू करने पर गंभीरतापूर्वक विचार करने के निर्देश दिए हैं।

    राज्य आंदोलनकारी रविंद्र जुगरान ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि चुनाव में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए राजनैतिक दल और प्रत्याशी शराब बांटते हैं। इससे स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की अवधारणा प्रभावित होती है।

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    वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले को सुनने के बाद चुनाव आयोग को यह निर्देश दिए। इधर, विशेषज्ञों के अनुसार चुनाव आयोग ने यह फैसला लागू कर दिया तो शराब माफिया से जुड़े प्रत्याशी का विधानसभा पहुंचने का ख्वाब टूट सकता है।

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