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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों ने शुरू किया कार्य बहिष्कार

    By Gaurav KalaEdited By:
    Updated: Thu, 08 Dec 2016 07:00 AM (IST)

    उत्तराखंड कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी संघ के आह्वान पर कोटद्वार तहसील में कार्यरत कलेक्ट्रेट कर्मी तीन दिवसीय कार्यबहिष्कार पर चले गए हैं। ...और पढ़ें

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    कोटद्वार, [जेएनएन]: पांच सूत्रीय मांगों पर विचार न किए जाने पर पौड़ी जनपद में कलेक्ट्रेट कर्मचारियों ने तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। कर्मचारियों ने शासन को शीघ्र मांगें न मानने पर सांकेतिक विरोध को आंदोलन में बदलने की चेतावनी दी है।
    उत्तराखंड कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी संघ के आह्वान पर कोटद्वार तहसील में कार्यरत कलेक्ट्रेट कर्मी तीन दिवसीय कार्यबहिष्कार पर चले गए हैं। संगठन शाखा अध्यक्ष पार्वती रावत ने कहा कि वे लंबे समय से शासन से कलेक्ट्रेट अधिष्ठान के ढांचे में पुनर्गठन, कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कर्मियों की शैक्षिक योग्यता स्नातक करने, नायब तहसीलदार की सीधी भर्ती में दस प्रतिशत सीटों पर मिनिस्ट्रीयल कर्मियों को पदोन्नति देने, नवसृजित तहसीलों में स्वीकृत वरिष्ठ सहायक के पदों पर 2400 ग्रेड-पे के बजाय 2800 रूपये करने समेत पांच सूत्रीय मांगे करते रहे हैं। कहा कि इस संबंध में कईं बार शासन से वार्ता भी की गई, लेकिन शासन अडिय़ल रूख अपनाए हुए है।

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    कहा कि यदि शासन उनकी मांगों पर गंभीरत से विचार नही करता है, तो उन्हें सांकेतिक विरोध को आंदोलन का रूप देने को बाध्य होना पड़ेगा। इस अवसर पर प्रवीन रावत, इमरान हुसैन, चेतन सिंह, अशोक कुमार, नागेंद्र प्रसाद कोठियाल आदि उपस्थित रहे।

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