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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 25, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कर्ज में डूबे किसान ने फांसी के फंदे में झूल कर दी जान

By Sunil NegiEdited By:
Updated: Sun, 25 Jun 2017 04:36 PM (IST)

खटीमा में कर्ज में डूबे काश्तकार रामअवतार पुत्र रामप्रसाद ने शनिवार की रात पेड़ पर गमछे से फंदा लगाकर जान दे दी।

कर्ज में डूबे किसान ने फांसी के फंदे में झूल कर दी जान
कर्ज में डूबे किसान ने फांसी के फंदे में झूल कर दी जान

खटीमा, [जेएनएन]: प्रदेश में कर्ज में डूबे काश्तकारों के आत्महत्या करने की कड़ी में एक और नाम जुड़ गया है। सीमांत के कंचनपुरी गांव के 45 वर्षीय काश्तकार रामअवतार पुत्र रामप्रसाद ने शनिवार की रात पेड़ पर गमछे से फंदा लगाकर जान दे दी। प्रदेश में कर्ज में डूबे काश्तकार द्वारा आत्महत्या करने का यह दूसरा मामला है। इसके बाद प्रशासनिक अमले में खलबली मची हुई है।

कंचनपुर गांव का किसान रामअवतार शनिवार रात खेत में पानी लगाने की बात कहकर घर से निकला था। दो दिन पूर्व उसे बैंक से नोटिस जारी किया गया था। राम अवतार पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का एक लाख 97 हजार व बैंक ऑफ बड़ौदा का पौने दो लाख रुपये कृषि ऋण बकाया था। इसको लेकर वह तनाव में चल रहा था।

शनिवार की रात उसने अपने ही खेत में यूके लिप्टिस के पेड़ पर फंदा लगाकर और उस पर झूलकर अपनी जान दे दी। मृतक की 7 पुत्रियां वह एक बेटा है। इस घटना से उसके परिवार में कोहराम मचा हुआ है। बताया जाता है कि राम अवतार  के पास ढाई एकड़ जमीन थी, जिससे उसके परिवार की आजीविका चलती थी।

गौरतलब है कि 17 जून को  पिथौरागढ़ के बेरीनाग तहसील के पुरानाथल गांव के सरतोला तोक निवासी सुरेंद्र सिंह (60) पुत्र राम सिंह ने कर्ज के चलते उसने जहर पीकर आत्महत्या कर ली थी।  घटना के बाद ग्रामीणों व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बेरीनाग में ऋण माफी की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया। 

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