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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 10, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पहाड़ की वादियों में इस तरह घोला जा रहा प्रदूषण का जहर

By BhanuEdited By:
Published: Fri, 10 Nov 2017 02:40 PM (IST)Updated: Fri, 10 Nov 2017 10:31 PM (IST)

सीमांत जिला उत्तरकाशी की स्वच्छ वादियों में प्रदूषण का जहर घोला जा रहा है। यह स्थिति उन स्थानों की है, ...और पढ़ें

पहाड़ की वादियों में इस तरह घोला जा रहा प्रदूषण का जहर
पहाड़ की वादियों में इस तरह घोला जा रहा प्रदूषण का जहर

उत्तरकाशी, [मनोज राणा]: सीमांत जिला उत्तरकाशी की स्वच्छ वादियों में दिल्ली और हरियाणा जैसा जहर घोलने की तैयारी चल रही है। अगर जिम्मेदार समय पर नहीं चेते तो कहीं ऐसा न हो कि यहां भी जीवन रक्षक सांस में लोगों जहर मिले। ये बात इस लिए कह रहे हैं कि उत्तरकाशी में नगर क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक कूड़े का निस्तारण करने के बजाय उसे जला कर यहां की स्वच्छ वादियों में जहर घोला जा रहा है। यह स्थिति तब है जब उत्तरकाशी को इको सेंसटिव जोन में रखा गया है। यहां कूड़ा जलाना तो दूर प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध है। 

उत्तरकाशी नगर पालिका और निकटवर्ती ग्रामीण कस्बों में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था बुरी तरह से बदहाल है। साथ ही उत्तरकाशी में प्लास्टिक युक्त कूड़े के निस्तारण की भी कोई व्यवस्था नहीं है। 

उत्तरकाशी नगर व ग्रामीण क्षेत्र जोशियाड़ा, लदाड़ी, तिलोथ, कंसेण, भटवाड़ी, डुंडा सहित आदि क्षेत्रों में हर दिन कूड़ा निकलता है। नगर क्षेत्र का कूड़ा तेखला के गदेरे में डाला जाता है। यहां कूड़ा निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं। 

तेखला के पास पिछले एक माह से कूड़े डंपिंग जोन में आग लगी हुई है। इसके कारण प्रदूषण फैल रहा है। तेखला के आसपास तो रात और सुबह के समय यह स्थिति हो जाती है कि लोगों के घरों के अंदर भी कूड़े का प्रदूषण घुस जाता है। 

यहीं स्थित ग्रामीण कस्बे तिलोथ, जोशियाड़ा की है। जहां जिला पंचायत ने कूड़ेदान तो लगाए हैं, लेकिन कूड़ेदान से कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था नहीं है। इस कारण कूड़ा कूड़ेदान में ही जलाया जा रहा है। यह क्षेत्र इको सेंसटिव जोन में आता है। यहां एनजीटी के निर्देश अनुसार यहां कूड़ा जलाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। उसके बावजूद भी जिला पंचायत और नगर पालिका एनजीटी के आदेशों और निर्देशों की धज्जियां उड़ा रहा है।

जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी कबूल चंद ने बताया कि सफाई कर्मचारियों को कूड़ेदान के अंदर आग नहीं लगाने की सख्त हिदायत दी गई है। असमाजिक तत्वों की हरकतों के कारण कूड़ेदान में आग लगी होगी। 

नगर पालिका के ईओ ने बताया कि तेखला के डंङ्क्षपग जोन में आग कैसे लग रही है, इसका पता नहीं चल पा रहा है। कुछ दिन पहले ही आग को बुझाया गया। 

वहीं जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के मुताबिक तेखला के डंपिंग जोन में आग लगने की शिकायतें पहले भी आई थी। अग्निशमन विभाग की गाड़ी भेज कर आग को बुझाया था। फिर से आग लगी है तो इसे भी बुझाया जाएगा। नगर पालिका व जिला पंचायत को कूड़े के विधिवत ढंग से निस्तारण के निर्देश भी दिए हैं। 

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