नीलम रत्न पहनने से रातोंरात चमकता है 6 राशियों का सोया भाग्य, मेहरबान होते हैं शनिदेव
ज्योतिष शास्त्र में नीलम रत्न को शनिदेव से संबंधित माना गया है, जो उनकी कृपा और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। यह रत्न मकर, कुंभ, वृषभ, तुला, मिथुन औ ...और पढ़ें
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नीलम रत्न पहनने से शुरू होगा गोल्डन टाइम (AI Generated Image)

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जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में नीलम रत्न को (Blue Sapphire) बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। इसका संबंध कर्मफल दाता और न्याय के देवता भगवान शनिदेव से है। ऐसा माना जाता है कि नीलम रत्न में शनिदेव की ऊर्जा का वास होता है। इसलिए इसको पहनने से शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव कम होता है और शनिदेव की कृपा बरसती है।
यह रत्न लोगों को धर्म के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुछ राशियों के लिए नीलम रत्न बेहद फलदायी साबित है और शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं, लेकिन इस रत्न से जुड़े नियम का पालन जरूर करें। आइए इस आर्टिकल में आपको विस्तार से बताते हैं कि किन राशियों को पहनना चाहिए नीलम रत्न।

इन राशियों को पहनना चाहिए नीलम रत्न?
मकर और कुंभ राशि- इन दोनों राशि के स्वामी स्वयं शनिदेव हैं। इसलिए मकर और कुंभ राशि राशि के लोगों को नीलम रत्न पहनना लाभकारी माना जाता है। इससे जातकों को आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिलता है। करियर में सफलता के मार्ग खुलते हैं। साथ ही कारोबार और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
वृषभ और तुला- इन दोनों राशि के स्वामी शुक्रदेव हैं। शुक्र शनि के मित्र माने जाते हैं। इसलिए वृषभ और तुला राशि के लोगों को नीलम रत्न पहनने से जीवन में शुभ परिणाम देखने को मिलते हैं और कामों में आ रही बाधा दूर होती है। साथ ही सफलता के मार्ग खुलते हैं।
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मिथुन और कन्या- इन दोनों राशियों के स्वामी बुधदेव हैं। इस ग्रह के साथ शनिदेव की मित्रता मानी जाती है। इसलिए मिथुन और कन्या राशि के लोगों को नीमल रत्न पहनने से शनिदेव की कृपा बरसती है।
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कैसे धारण करें नीमल रत्न
- नीमल रत्न को पहनने के लिए शनिवार का दिन शुभ माना जाता है, क्योंकि यह दिन शनिदेव को समर्पित है।
- इस दिन सुबह स्नान करने के बाद नीमल रत्न का गंगाजल, गाय के कच्चे दूध, शहद से शुद्धिकरण करें।
- इसके बाद रत्न को शनिदेव को चरणों में रखें। कुछ समय के बाद इसे धारण करें। इस दौरान शनिदेव के बीज मंत्र "ॐ शं शनैश्चराय नमः" मंत्र का जप करें।
इन बातों का रखें ध्यान
- नीलम रत्न पहनने वालों को तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।
- किसी से वाद-विववाद न करें।
- किसी से झूठ नहीं बोलना चाहिए।
- किसी के बारे में गलत न सोचें।
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।