Ratna Astrology: इन तारीखों को जन्मे लोगों के लिए 'वरदान' है पुखराज, भाग्य चमकाता है यह रत्न
व्यक्ति के जीवन पर ग्रहों का विशेष रूप से प्रभाव पड़ता है। रत्न शास्त्र (Ratna Jyotish) में हर ग्रह से संबंधित रत्न भी बताए गए हैं, जिन्हें धारण करने ...और पढ़ें
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HighLights
इस मूलांक के लिए अत्यंत शुभ और लाभकारी है पुखराज
बृहस्पति ग्रह को मजबूत कर भाग्य चमकाता है यह रत्न
धारण करने से पहले ज्योतिषी की सलाह लेना है जरुरी
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आपने कई लोगों को अंगूठी में पुखराज धारण किए देखा होगा, जो एक पीले रंग का रत्न होता है। इस रत्न का संबंध बृहस्पति ग्रह से माना गया है। ऐसे में पुखराज रत्न को मुख्य रूप से कुंडली में गुरु ग्रह की स्थिति को मजबूत करने के लिए पहना जाता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि किस मूलांक के लिए पुखराज पहनना लाभदायक हो सकता है। चलिए जानते हैं इस बारे में।
इस मूलांक को मिलता है फायदा
अंक ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, जिन लोगों का जन्म किसी महीने की 3, 12, 21 या फिर 30 तारीख को होता है, उसका मूलांक 3 माना जाता है। इन मूलांक का ग्रह स्वामी गुरु (बृहस्पति) है। वहीं पुखराज भी बृहस्पति ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में मूलांक 3 को पुखराज काफी लकी माना गया है, जिसे धारण करने से इन्हें विशेष लाभ मिल सकता है।

(Picture Credit: Freepik) (AI Image)
धारण करने की विधि
स्नान आदि से निवृत होने के बाद पुखराज वाली अंगूठी को पंचामृत यानी दूध, गंगाजल, शहद, घी और शक्कर या को मिलाकर शुद्ध कर लें। इस अंगूठी को प्रभु श्री हरि के चरणों में अर्पित कर दें और 108 बार “ॐ ब्रह्म ब्रह्स्पतिये नम:” मंत्र का जप करें। इसके बाद ही पुखराज को धारण करें। आप इसे गुरुवार के दिन सूर्योदय के बाद धारण कर सकते हैं।

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जरूर रखें इन बातों का ध्यान
- पुखराज धारण करने के लिए किसी भी माह का शुक्ल पक्ष का गुरुवार सबसे अच्छा माना गया है।
- धनु और मीन राशि वालों के लिए भी पुखराज शुभ है, क्योंकि इन राशियों के ग्रह स्वामी बृहस्पति हैं।
- इस हमेशा सोने या फिर पंचधातु की अंगूठी में जड़वा कर पहनना चाहिए।
- पुखराज की अंगूठी को तर्जनी उंगली में धारण करना सबसे अच्छा माना गया है।
- पुखराज धारण करने से पहले आपको किसी अच्छे ज्योतिष को सलाह जरूर लेनी चाहिए।
- एक बार धारण करने के बाद पुखराज को बार-बार न उतारें, क्योंकि इससे प्रभाव कम हो सकता है।
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