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गुस्से पर काबू और मानसिक सुकून: किन लोगों के लिए 'मोती' है एक जादुई रत्न?

Updated: Wed, 22 Apr 2026 03:13 PM (IST)

ज्योतिष में मोती का स्वामी चंद्रमा को माना गया है, जो हमारे मन, भावनाओं और मानसिक शांति के कारक हैं। ...और पढ़ें

मोती रत्न के ज्योतिषीय लाभ (Picture Credit: Freepik)

मोती रत्न के ज्योतिषीय लाभ (Picture Credit: Freepik)

HighLights

  1. चंद्र ग्रह से माना गया है मोती का संंबंध

  2. तनाव कम करने में सहायक है मोती

  3. कुंडली में चंद्रमा को करता है मजबूत

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। चंद्रमा से प्रभावित होने के कारण मोती का सीधा असर हमारे स्वभाव और सोचने की शक्ति पर पड़ता है। मोती को सबसे सौम्य लेकिन प्रभावशाली रत्नों में से एक माना गया है। बहुत से लोग इसे केवल फैशन के लिए पहनते हैं, लेकिन रत्न ज्योतिष के अनुसार, बिना नियमों को जाने मोती धारण करना फायदे के बजाय नुकसान भी पहुंचा सकता है।

मोती पहनने के फायदे

  • अगर आपका मन हमेशा अशांत रहता है या तनाव बना रहता है, तो ऐसे में मोती पहनना आपके लिए लाभकारी साबित होगा।
  • यह मनोबल बढ़ाता है और घबराहट को कम करने में मदद करता है।
  • मोती, कुंडली में चंद्रमा की स्थिति को मजबूत करने का भी काम करता है, जिससे करियर और व्यापार में तरक्की मिलती है।
  • कला, लेखन या किसी भी रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए मोती पहनना फायदेमंद माना गया है।
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(Picture Credit: Freepik)

किन लोगों के लिए है फायदेमंद

  • मेष, कर्क, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों के लिए मोती बेहद शुभ माना गया है।
  • जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा क्षीण या अशुभ प्रभाव में हो, उन्हें भी मोती धारण करने की सलाह दी जाती है।
  • जिन लोगों को छोटी-छोटी बातों पर बहुत ज्यादा गुस्सा आता हो, उन्हें भी मोती धारण करना चाहिए।
  • जो लोग अक्सर अनिद्रा या बेचैनी से परेशान रहते हैं, उनके लिए भी मोती पहनना अच्छा माना जाता है।

मोती धारण करने की सही विधि

  • कोई भी रत्न तभी फल देता है, जब उसे पूरी विधि-विधान से पहना जाए।
  • मोती को चांदी की अंगूठी में जड़वाकर कनिष्ठा (सबसे छोटी उंगली) में पहनना उत्तम माना गया है।
  • धारण करने से पहले अंगूठी को कच्चे दूध और फिर गंगाजल से शुद्ध कर लें।
  • चंद्र देव के ॐ श्राम श्रीम श्रौम सः चंद्रमसे नमः मंत्र का कम-से-कम 108 बार जप करें।
  • मंत्र जप के बाद अंगूठी को भगवान शिव के चरणों में अर्पित करें, क्योंकि चंद्रमा महादेव के मस्तक पर सुशोभित है।
  • इसे सोमवार की सुबह या पूर्णिमा के दिन धारण करना सबसे श्रेष्ठ होता है।
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(Picture Credit- AI Generated)

कब न पहनें मोती?

अगर आपकी कुंडली में चंद्रमा पहले से ही बहुत मजबूत स्थिति में है, तो मोती पहनने से बचना चाहिए। इससे भावनाओं का अतिरेक (Emotional Overload) हो सकता है। इसके साथ ही गलत तरीके या गलत परामर्श से भी मोती पहनने पर आपको कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हमेशा किसी अनुभवी ज्योतिषी से अपनी कुंडली दिखाकर ही मोती पहननी चाहिए।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।