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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Airbag In Car: कार में Airbag होने के बाद भी होता है गंभीर चोट का खतरा, जानें किन बातों का रखें ध्‍यान

    Updated: Sun, 07 Apr 2024 11:00 AM (IST)

    कार निर्माताओं की ओर कारों को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार नए फीचर्स को ऑफर किया जा रहा है। वहीं कुछ कारों में अब छह एयरबैग को स्‍टैंडर्ड तौर पर भी दि ...और पढ़ें

    Airbag वाली कारों में भी हादसे से पहले लापरवाही बरतने पर गंभीर चोट का खतरा बढ़ जाता है।
    Airbag वाली कारों में भी हादसे से पहले लापरवाही बरतने पर गंभीर चोट का खतरा बढ़ जाता है।

    ऑटो डेस्‍क, नई दिल्‍ली। भारत सहित दुनियाभर में हर रोज बड़ी संख्‍या में सड़क हादसे होते हैं। जिनमें कार सवार लोगों को भी काफी ज्‍यादा चोट लगती है। कारों में Airbag जैसे बेहतरीन सेफ्टी फीचर होने के बाद भी हादसे के समय ज्‍यादा गंभीर चोट लगने का खतरा क्‍यों होता है। हम इसकी जानकारी आपको इस खबर में दे रहे हैं।

    Car में क्‍यों होते हैं Airbag

    कारों में सफर को ज्‍यादा सुरक्षित बनाने के लिए कंपनियों की ओर से Airbag ऑफर किए जाते हैं। कुछ कारों में दो तो कई कारों में सात से ज्‍यादा एयरबैग भी दिए जाते हैं। वहीं कुछ कंप‍नियों की ओर से अपनी कारों में स्‍टैंडर्ड तौर पर छह एयरबैग दिए जाते हैं। हादसे के समय एयरबैग को एक जीवन रक्षक के तौर पर माना जाता है। लेकिन अगर कुछ लापरवा‍ही बरती जाएं तो फिर Airbag के कारण गंभीर चोट लगने का खतरा भी बढ़ जाता है।

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    Airbag वाली कार में Seat Belt जरूरी

    वैसे तो कार में सफर करने से पहले ही सीटबेल्‍ट लगाना काफी जरूरी होता है। लेकिन अगर आपकी कार में एयरबैग हैं तो फिर सीटबेल्‍ट का उपयोग करना और भी जरूरी हो जाता है। कई बार सीटबेल्‍ट न लगाने के कारण हादसे के समय एयरबैग नहीं खुलते हैं और इससे कार सवार को ज्‍यादा चोट लग जाती है। इसलिए कार में सफर को शुरू करने से पहले सीटबेल्‍ट लगाना काफी जरूरी होता है।

    डैशबोर्ड को रखें खाली

    कुछ लोगों की आदत होती है कि वह अपनी कार के डैशबोर्ड पर कई तरह की चीजों को रखते हैं। ऐसा करने से हादसे के समय नुकसान ज्‍यादा होता है। कार में एयरबैग डैशबोर्ड के अंदर भी दिए जाते हैं। हादसे के समय यह काफी तेजी से खुलते हैं और ऐसे में डैशबोर्ड पर रखा सामान भी एयरबैग के साथ यात्री के ऊपर आ जाता है। जिससे चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है।

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    डैशबोर्ड पर न रखें पैर

    अक्‍सर लोग सफर के दौरान डैशबोर्ड पर पैर रख लेते हैं। हादसे के समय ऐसा करना और भी खतरनाक हो सकता है। अगर डैशबोर्ड पर पैर रखकर सफर किया जाए और अचानक हादसा हो जाए तो फिर एयरबैग खुलते हैं, जिस कारण यात्री के पैर और शरीर के अन्‍य हिस्‍सों पर गंभीर चोट लगने का खतरा हो जाता है।

    ड्राइवर भी रखें ध्‍यान

    कार में सफर के दौरान सिर्फ यात्रियों को ही नहीं बल्कि ड्राइवर को भी एयरबैग वाली कारों में कुछ बातों का ध्‍यान रखना काफी जरूरी होता है। अगर हादसे के समय एयरबैग से पूरी सुरक्षा चाहते हैं, तो फिर स्‍टेयरिंग को नौ और तीन की स्थिति में पकड़ना चाहिए। इसके साथ ही कम से कम 10 इंच की दूरी जरूरी रखनी चाहिए।

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