यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 12, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
EV Fire: आप भी खरीदना चाहते हैं इलेक्ट्रिक गाड़ी? जान लें ये बात कभी नहीं लगेगी आग
ई-स्कूटर्स में लगने वाली आग की घटनाओं ने लोगों में इलेक्ट्रिक व्हीकल के प्रति अविश्वास पैदा कर दिया है। इसलिए आज हम इस खबर के माध्यम से आपको बताने जा ...और पढ़ें

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। पिछले कुछ महीनों में इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं में एक पिता-पुत्री की मौत भी हुई है, जिसके बाद से लोगों के मन में ईवी सेफ्टी को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में अगर आप भी नई इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने का प्लान बना रहे हैं या फिर आपके पास पहले से ही इलेक्ट्रिक गाड़ी है तो, इस खबर को जरूर पढ़ें, जहां हम आपको बताने जा रहे हैं उन तरीकों के बारे में जिसे फॉलो करके आप आने वाली घटनाओं को रोक सकते हैं।
इलेक्ट्रिक व्हीकल में लगनी वाली आग को लेकर सरकार काफी सख्त है। इस मामले को लेकर बढ़ती घटनाओं के बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कुछ दिन पहले कहा था कि मामले की जांच के लिए गठित विशेषज्ञ पैनल की रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार चूक करने वाली कंपनियों पर आवश्यक कार्रवाई करेगी।
ईवी बैटरी में आग क्यों लगती है?
गर्मियों में अधिक तापमान होने के कारण ईवी में आग लगना एक वजह हो सकती है। लेकिन इससे साथ-साथ अन्य कई कारण हो सकते हैं, जिनके चलते इलेक्ट्रिक व्हीकल में आग लग सकती है। आपको जानकारे के लिए बता दें, ई-स्कूटर में इस्तेमाल होने वाली गैसोलिन और लिथियम दोनों बेहद ज्वलनशील होते हैं। इनमें आग पकड़ने में सिर्फ तापमान का अंतर होता है। गैसोलिन 210 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान पर आग पकड़ता है, जबकि लिथियम 135 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान पर आग पकड़ लेता है।
कैसे करें बचाव
- इलेक्ट्रिक स्कूटर यूजर्स को समय दर समय यह चेक करते रहना होगा कि कहीं उनके बैटरी के परफॉर्मेंस में कोई समस्या तो नहीं है। बैटरी के कम चलने या गलत चार्जिंग होने पर, बैटरी/ईवी ओईएम से तत्काल संपर्क करें और समस्या बताएं। इसे खुद से ठीक करने का प्रयास ना करें।
• ईवी को चलाकर लाने के तुरंत बाद चार्ज नहीं करना चाहिए। बैटरी को ठंडा होने दें और उसके बाद उसे चार्ज करें।
खबरें और भी
• इलेक्ट्रिक वाहन को बहुत देर के लिए बहुत गर्म मौसम में पार्क ना करें।
• बैटरियों को सूरज की तेज रोशनी में रखने से बचें
बैटरियों को हवादार वाली जगहों पर रखें
• वाहन पर ज्यादा वजन (ओवरलोड) ना करें और ना ही बहुत देर तक लगातार चलाएं।
बैटरी की कोर इंजीनियरिंग कितना जरूरी?
बैटरी की कोर इंजीनियरिंग अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमें ऐसी बैटरियों की आवश्यकता है जो बुद्धिमान, सुरक्षित, और भरोसेमंद हों। अत्यधिक गर्म मौसम की स्थिति और बैटरी की अनुचित थर्मल प्रबंधन प्रणाली बैटरी के प्रदर्शन को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है