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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    सरकार ने शुरू की PM E-Drive सब्सिडी योजना, 24.79 लाख EV को मिलेगी सब्सिडी

    Updated: Mon, 07 Oct 2024 11:01 PM (IST)

    इलेक्टि्रक वाहनों को तेजी से अपनाने के लिए दो साल सरकार 10900 करोड़ रुपये की मदद देगी। ईवी दोपहिया के लिए सब्सिडी बैटरी पावर के आधार पर 5000 रुपये प्र ...और पढ़ें

    PM E-Drive सब्सिडी योजना शुरू की गई।
    PM E-Drive सब्सिडी योजना शुरू की गई।

    HighLights

    1. 3.16 लाख इलेक्टि्रक तिपहिया वाहनों को मिलेगी सब्सिडी।
    2. 14,028 ई-बस वाहनों को सब्सिडी मिलेगी।

    पीटीआई, नई दिल्ली। सरकार ने मंगलवार को 10,900 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ PM ई-ड्राइव योजना शुरू की। इस योजना का मकसद भारत में इलेक्टि्रक वाहनों को तेजी से अपनाने, चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर की स्थापना और ईवी मैन्युफैक्चरिंग ईकोसिस्टम के विकास को प्रोत्साहित करना है। यह योजना एक अक्टूबर 2024 से 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगी। इसके साथ ही ईएमपीएस-2024 (इलेक्टि्रक गतिशीलता संवर्धन योजना) को पीएम ई-ड्राइव योजना में शामिल कर लिया जाएगा।

    इतनी मिलेगी सब्सिडी

    पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत इलेक्टि्रक दोपहिया वाहनों के लिए सब्सिडी बैटरी पावर के आधार पर 5,000 रुपये प्रति किलोवाट घंटा तय की गई है। योजना के दूसरे वर्ष में इसे आधा करके 2,500 रुपये प्रति किलोवाट घंटा कर दिया जाएगा और कुल लाभ 5,000 रुपये से अधिक नहीं होगा। इस समय ओला, टीवीएस, एथर एनर्जी, हीरो विडा (हीरो मोटोकार्प) और चेतक बजाज जैसी कंपनियों की बैटरी क्षमता 2.88 से चार किलोवाट घंटे तक है। इनके वाहनों की कीमत 90,000 रुपये से 1.5 लाख रुपये के बीच है।

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    मोबाइल ऐप किया जाएगा पेश

    भारी उद्योग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव हनीफ कुरैशी ने कहा कि पूरी प्रक्रिया को सहज बनाने के लिए एक मोबाइल ऐप पेश किया जाएगा, जिसके जरिये योजना के तहत सब्सिडी प्राप्त करने के लिए ई-वाउचर बनाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि एक आधार के लिए एक वाहन की अनुमति होगी। जैसे ही वाहन बिकेगा, ई-वाउचर तैयार हो जाएगा। योजना के तहत परीक्षण सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 780 करोड़ रुपये तय किए गए हैं। ई-रिक्शा सहित तिपहिया वाहनों को पहले साल में 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी, जिसे दूसरे वर्ष में आधा करके 12,500 रुपये कर दिया जाएगा।