यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 16, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली कार Toyota Mirai हुई लॉन्च, नितिन गडकरी ने इस पायलट प्रोजेक्ट को दिया ग्रीन सिग्नल
देश में जीरो-इमिशन को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ईंधन के विकल्प पर काम कर रही है चाहे वो इलेक्ट्रिक गाड़ियां हो सीएनजी हो या फिर फ्लेक्स फ्यूल ईंधन ...और पढ़ें

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली देश की पहले कार Toyota Mirai को लॉन्च किया। इस दौरान मंत्री ने कहा कि फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक व्हीकल (FCEV) हाइड्रोजन द्वारा संचालित है, जो सबसे बेस्ट जीरो- इमिशन सोल्यूशंस देता है। यह कार पूरी तरह से इनवायरमेंट फैंडली है।
इस फ्यूल को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन रिन्यूबल एनर्जी और बायोमास से बनता है, जिससे पर्यावरण को कोई भी नुकसान नहीं पहुंचता है। ग्रीन हाइड्रोजन की क्षमता का दोहन करने के लिए प्रौद्योगिकी को अपनाने में भारत एक स्वच्छ और किफायती ऊर्जा भविष्य हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
टोयोटा किर्लोस्कर मोटर, इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (आईसीएटी) के साथ मिलकर दुनिया की सबसे एडवांस एफसीईवी टोयोटा मिराई का अध्ययन और मूल्यांकन करने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट कर रही है, जो भारतीय सड़कों और जलवायु परिस्थितियों में हाइड्रोजन पर चलती है। इस अवसर पर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह और भारी उद्योग मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय भी मौजूद थे।
टोयोटा का बयान
टोयोटा 2050 तक कार्बन न्यूट्रैलिटी हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा मुख्य लक्ष्य पूरे जीवनचक्र में शुद्ध शून्य कार्बन (सीओ2) उत्सर्जन हासिल करना है। इसके अलावा, हमने एक समग्र दृष्टिकोण अपनाया है और सक्रिय रूप से स्थायी पहल में लगे हुए हैं, रिन्यूबल एनर्जी, रिसाइक्लिंग-बेस्ड सोसायटी को बढ़ावा देने, पानी की खपत में कमी और प्रकृति संरक्षण गतिविधियों को शामिल करता है।
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मिराई में प्रयुक्त टोयोटा फ्यूल सेल सिस्टम हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के बीच प्रतिक्रिया से बिजली पैदा करता है। मिराई कस्टमर इसे उसी तरह हाइड्रोजन ईंधन से भरते हैं, जैसे पेट्रोल,/डीजल/सीएनजी खरीदते हैं। ईंधन (हाइड्रोजन) उच्च दबाव वाले टैंकों में समाहित होता है और एक ईंधन सेल स्टैक में डाला जाता है, जहां हवा में स्वाभाविक रूप से पाए जाने वाले हाइड्रोजन और ऑक्सीजन एक दूसरे के साथ प्रतिक्रिया करते हैं और बिजली उत्पन्न करते हैं।