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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    दिल्ली में बिना PUC certificate वाहन चलाना पड़ेगा महंगा, होगी 6 महीने की जेल और 10 हजार का जुर्माना!

    By Rammohan MishraEdited By: Rammohan Mishra
    Updated: Fri, 07 Apr 2023 08:49 PM (IST)

    PUC certificate के बिना दिल्ली में वाहन चलाना आपके लिए महंगा पड़ सकता है। महानगर में वैध प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाण पत्र के बिना कोई वाहन चलाता ...और पढ़ें

    how do you get a PUC certificate renewed in Delhi all processes here
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    नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। अगर आप दिल्ली में वाहन चला रहे हैं तो अपने वाहन का PUC certificate दुरुस्त रखें। दिल्ली सरकार महानगर में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण को लेकर बहुत शक्त है। हाल ही में दिल्ली परिवहन विभाग ने बताया है कि अगर महानगर में वैध प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाण पत्र के बिना कोई वाहन चलाता पकड़ा गया तो उसे 6 महीने तक की कैद या 10 हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। क्या है पूरा मामला, आइए आपको अपने इस लेख में बताते हैं।

    PUC certificate के बिना नहीं मिलेगा फ्यूल

    दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शनिवार को कहा कि वैध प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाणपत्र के बिना वाहनों को 25 अक्टूबर से पेट्रोल पंपों पर ईंधन भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वगैर वैध PUC certificate वाले लोगें को 6 महीने तक की कैद या 10 हजार रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। सर्दियों में वायू प्रदूषण बढ़ने की आशंका को लेकर ये सख्त कदम उठाया गया है। आपको बता दें कि हाल ही में दिल्ली सरकार ने इस संबंध में एक अधिसूचना जारी करते हुए लोगों ये सुझाव मांगे थे।

    क्या होता है PUC certificate

    एक PUC certificate पुष्टि करता है कि आपका वाहन उत्सर्जन मानकों का अनुपालन करता है। यह एक दस्तावेज है जो निर्दिष्ट करता है कि वाहन से होने वाले प्रदूषण का स्तर दिल्ली मोटर वाहन नियम, 1993 के अनुसार निर्धारित सीमा के भीतर है। यदि आपका वाहन जांच में निर्धारित उत्सर्जन मानदंडों के मुताबिक फिट बैठता है तो इसे PUC certificate मिल जाता है।

    वहीं अगर वाहन प्रदूषणकारी पाया जाता है तो दिल्ली परिवहन विभाग के अनुसार वाहन की मरम्मत या ट्यूनिंग निर्धारित की जाएगी। अगर वैध पीयूसी प्रमाणपत्र होने के बावजूद वाहन प्रदूषणकारी पाया जाता है तो इसका प्रमाणपत्र रद्द कर दिया जाएगा। वाहन के मालिक को वेबसाइट के अनुसार सात दिनों के भीतर एक नया पीयूसी प्रमाणपत्र प्राप्त करने का निर्देश दिया जाएगा।

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    विभाग ने जारी किया है नोटिस

    दिल्ली परिवहन विभाग ने हाल ही में एक नोटिस जारी किया है। इसमें कहा गया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को छोड़कर सभी पंजीकृत वाहन मालिक जिनके वाहन पंजीकरण की तारीख से एक वर्ष से अधिक पुराने हैं उन्हे निर्देश दिया जाता है कि वे अपने वाहन की जांच करवाएं और पीयूसी प्रमाणपत्र प्राप्त करें। आपको बतादें कि परिवहन विभाग की वेबसाइट के मुताबिक शहर भर में पेट्रोल पंपों और वर्कशॉप पर 954 प्रदूषण जांच केंद्र हैं।