यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Mahindra Thar से युवक को कुचलने की कोशिश पड़ी भारी, Noida Traffic Police ने कर दी कड़ी कार्रवाई
नोएडा में Mahindra Thar से युवक को कुचलने की कोशिश के मामले में ट्रैफिक पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने खतरनाक ड्राइविंग और आरसी उल्लंघन समेत क ...और पढ़ें

HighLights
- नोएडा में युवक को कुचलने की कोशिश
- महिंद्रा की थार से की गई कुचलने की कोशिश
- नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने काटा 68 हजार का चालान
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। देश में कई लोग ऐसे भी हैं जो गलत तरीके से सड़कों पर वाहन चलाते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस की ओर से समय समय पर कार्रवाई भी की जाती है। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के नोएडा का है। जहां पर Mahindra Thar और उसके ड्राइवर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। किस तरह के नियमों के उल्लंघन के मामले में Noida Traffic Police की ओर से कार्रवाई की गई है। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।
नोएडा में हुआ नियमों का उल्लंघन
राजधानी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के नोएडा में नियमों का उल्लंघन करना भारी पड़ सकता है। शहर की ट्रैफिक पुलिस की ओर से तीन जून 2025 को एक मामले में कड़ी कार्रवाई की गई है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
क्या मिली जानकारी
जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश के नोएडा में ट्रैफिक पुलिस की ओर से Mahindra Thar SUV का चालान किया गया है। यह चालान एसयूवी से एक युवक को टक्कर मारने के मामले में किया गया है। मारपीट के बाद एक युवक को एसयूवी से कुचलने की कोशिश के बाद ट्रैफिक पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
किन धाराओं के तहत हुई कार्रवाई
पुलिस की ओर से जारी किए गए चालान के मुताबिक खतरनाक ड्राइविंग के तहत 184 MV ACt, 39/192 के तहत आरसी वायलेशन, 100(2) सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्ट के तहत बिना अनुमति पब्लिक प्लेस में ट्रायल और रेंसिंग के साथ ही कई धाराओं के तहत चालान को जारी किया गया है।
खबरें और भी
कितने रुपये का हुआ चालान
सोशल मीडिया पर चालान की कॉपी के मुताबिक Mahindra Thar एसयूवी से नियमों का उल्लंघन करने के बाद ट्रैफिक पुलिस की ओर से 68500 रुपये के चालान को जारी किया गया है। यह चालान तीन जून 2025 को दोपहर एक बजे जारी किया गया है। साथ ही कॉपी में यह भी लिखा हुआ है कि चालान को अगले तीन दिन में जमा करना होगा। ऐसा न किए जाने पर चालान के मामले को सक्षम न्यायालय के सामने पेश कर दिया जाएगा।