यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 06, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दिल्ली में 9 दिसंबर तक इन गाड़ियों की नो एंट्री, नियम तोड़ने पर भरना पड़ेगा भारी चालान
आदेश का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसको भारी भरकम चालान का सामना करना पड़ेगा। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत उल्लंघनकर्ता को 20 हजार रुपये का जुर्माना ...और पढ़ें

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। दिल्ली सरकार इस समय प्रदूषण को लेकर काफी सख्त है। इसी क्रम में सरकार ने 9 दिसंबर तक ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान यानी GRAP की स्टेज-III को लागू कर दिया है। इस नियम के तहत BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल गाड़ियों की एंट्री पर रोक लगी है। आइये विस्तार से जानते हैं दिल्ली सरकार ने क्यों उठाया ये कदम और अगर कोई नियम तोड़ता है तो उसका कितने का चालान भरना पड़ेगा के बारे में।
इस आधार पर लिया गया है फैसला
BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल गाड़ियों पर 9 दिसंबर तक बैन करने का ये फैसला दिल्ली सरकार ने केंद्र की एजेंसी कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) की गाइडलाइंस के आधार पर लिया है। इस फैसले का मकसद दिल्ली में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को रोकना है। यह फैसला केवल चार पहिया पर लागू रहेगा।
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परिवहन विभाग ने जारी किया आदेश
परिवहन विभाग द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि संशोधित ग्रैप के स्टेज III और मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 115 के तहत दिए गए निर्देशों के अनुसार, यह आदेश दिया जाता है कि बीएस-III पेट्रोल और बीएस-IV डीजल एलएमवी (फोर- व्हीलर्स) दिल्ली के एनसीटी में तत्काल प्रभाव से 9 दिसंबर तक या फिर ग्रैप चरण में जब तक बदलाव नहीं किया जाता तब तक लागू रहेगा।
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कटेगा इतने का चालान
अगर कोई व्यक्ति परिवहन विभाग के इस आदेश का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसको भारी भरकम चालान का सामना करना पड़ेगा। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत उल्लंघनकर्ता को 20 हजार रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा और साथ ही साथ यातायात पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत मुकदमा चला सकती है। राहत की बात यह है कि आपातकालीन सेवाओं के लिए तैनात वाहन और सरकार और चुनाव संबंधी कार्य प्रतिबंध के दायरे में नहीं आते हैं।
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इन वाहनों पर नहीं रहेगा प्रतिबंध
विभाग ने एक अन्य आदेश में कहा कि दिल्ली और दिल्ली में पंजीकृत डीजल संचालित मध्यम माल और भारी माल वाहनों में ट्रकों के प्रवेश पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। बता दें, इससे पहले इन पर चौथे चरण में 4 नवंबर को प्रतिबंध लगा दिया गया था।