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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Renault- Nissan Partnership: एक साथ मिलकर धमाल मचाएंगी ये दो कार कंपनियां, स्पोर्टी गाड़ियों से सजेगा बाजार

By Sonali SinghEdited By: Sonali Singh
Updated: Mon, 06 Feb 2023 04:32 PM (IST)

Renault-Nissan-Mitsubishi Alliance रेनो-निसान-मित्सुबिशी कंपनियां एक साथ मिलकर भारत के लिए नई कार बनाने की योजना बना रही हैं। इसमें स्पोर्टी कारों को ध्यान में रखा गया है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक कारों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। (जागरण ग्राफिक्स)

Renault-Nissan-Mitsubishi Partnership For Sporty Cars In India, See Details
Renault-Nissan-Mitsubishi Partnership For Sporty Cars In India, See Details

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। भारत में स्पोर्टी कारों की बढ़ती डिमांड को देखते हुए निर्माता कंपनी रेनो (Renault), निसान (Nissan) और मित्सुबिशी (Mitsubishi) एक साथ मिलकर भारत में अपनी स्पोर्टी कारों को बनायेंगी। इसके लिए तीनों कंपनियां कई नई वाहन परियोजनाओं पर सहयोग करने की योजना बना रही हैं। इस परियोजना के तहत केवल भारत ही नहीं, बल्कि लैटिन अमेरिका और यूरोप में भी परियोजना को शुरू करने की घोषणा की गई है।

रेनॉल्ट-निसान-मित्सुबिशी एलायंस (Renault-Nissan-Mitsubishi Alliance) ने एक बयान में कहा है कि भारत में कारों के निर्माण और दूसरे देशों में इसके निर्यात के लिए रेनो ग्रुप और निसान कई नई वाहन परियोजनाओं पर सहयोग करेंगे। इसमें रेनो ग्रुप और निसान दोनों द्वारा साझा की गई नई एसयूवी और रेनो ट्राइबर की तरह फीचर्स वाली एक नई निसान कार को शामिल किया गया है।

चौथी तिमाही तक पूरा हो जाएगा समझौता

रेनॉल्ट-निसान-मित्सुबिशी एलायंस के तहत अभी समझौता पहले स्टेज पर हैं और 2023 की पहली तिमाही के अंत तक इसे एक बाध्यकारी ढांचा समझौता (binding framework agreement) के रूप में लाया गया है। वहीं, निश्चित समझौता 2023 की चौथी तिमाही में पूरा होने की उम्मीद है। जानकारी के मुताबिक, इस समझौते हो 24 साल के लिए जारी किया जा सकता है और साझेदारी के तहत तीनों गठबंधन सदस्यों नई तकनीक और नवीनीकरण का इस्तेमाल कर सकते हैं।

हिस्सेदारी कम करने की हो चुकी है घोषणा

जानकारी के लिए बता दें कि बीते महीने रेनो ग्रुप ने निसान के साथ अपनी हिस्सेदारी को कम करने की घोषणा की थी। इसके तहत, रेनो अपनी हिस्सेदारी को 43 प्रतिशत से घटाकर 15 फीसद करने जा रही है। रेनो ग्रुप निसान के 28.4 प्रतिशत शेयरों को एक फ्रांसीसी ट्रस्ट में ट्रांसफर कर देगी। बता दें कि लगभग चार महीने तक चली बातचीत के बाद रेनो ने निसान से अपने शेयर कम करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही अब रेनो इलेक्ट्रिक कार सेगमेंट की ओर भीों ध्यान दे रही है।

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