यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सेकेंड हैंड कार खरीदते वक्त अब नहीं होगी धांधली, सरकार जल्द लाने वाली है ये नया नियम
नए नियम डीलरों को पंजीकरण प्रमाणपत्र फिटनेस प्रमाणपत्र डुप्लीकेट पंजीकरण प्रमाणपत्र और स्वामित्व के हस्तांतरण के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) के नवीन ...और पढ़ें

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। भारत में सेकेंड हैंड कार मार्केट कारोबार जोरो पर है। लोगों को किसी भी प्रकार की वाहन संबंधित कोई समस्या न आए, इसलिए सरकार ने यूज्ड कार को बेचने संबंधित नया नियम लागू करने वाली है। जल्द ही यूज्ड कार डीलरों को संबंधित राज्य परिवहन प्राधिकरण से एक प्राधिकरण प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा और केंद्रीय सड़क मंत्रालय द्वारा अधिसूचित मसौदा नियमों के तहत अपने व्यवसाय का संचालन करने के लिए वाहन के स्वामित्व को उनके नाम पर स्थानांतरित करना होगा।
मंत्रालय ने कहा कि केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन का उद्देश्य पारदर्शिता को बढ़ावा देना और पूर्व स्वामित्व वाली कार बाजार के लिए एक व्यापक नियामक इकोसिस्टम का निर्माण करना है।
जानें क्या है नया नियम
नए नियमों के तहत, वाहन की बिक्री एक डीलर के माध्यम से की जाएगी, और मूल मालिक और नए खरीदार के बीच कोई लिंक नहीं होगा। राज्य परिवहन कार्यालय में नए मालिक के विवरण को अपडेट करने के लिए डीलर जिम्मेदार होगा। ड्राफ्ट नियम एक पंजीकृत मालिक से डीलर को वाहन को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया की रूपरेखा तैयार करते हैं और डीलर की शक्तियों और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करते हैं।
नए नियम डीलरों को पंजीकरण प्रमाणपत्र, फिटनेस प्रमाणपत्र, डुप्लीकेट पंजीकरण प्रमाणपत्र और स्वामित्व के हस्तांतरण के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) के नवीनीकरण के लिए आवेदन करने का अधिकार देंगे।
डीलरों को रखने होंगे सारे रिकार्ड
डीलरों को इलेक्ट्रॉनिक वाहन ट्रिप रजिस्टर मेंटेन रखना होगा, जिसमें गाड़ी की डिटेल शामिल होगी। जैसे- ड्राइवर, कारण, टाइम और माइलेज जैसे विवरण शामिल हैं। आपको जानकारी के लिए बता दें, पिछले कुछ सालों में भारत में यूज्ड कार मार्केट काफी बढ़ गया है। ये नए नियम इस मार्केट को बुस्ट करने में काफी मदद करेंगे, वहीं ग्राहकों को यूज्ड कार के प्रति विश्वास भी कायम रहेगा।