यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ये तीन Expressway बदल देंगे बिहार की सूरत, 20 से ज्यादा जिले होंगे कनेक्ट
भारत में लगातार सड़कों का नेटवर्क बेहतर हो रहा है। कई राज्यों में नए हाइवे और एक्सप्रेस वे बनाए जा रहे हैं। इसका फायदा बिहार को भी मिल रहा है। बिहार ...और पढ़ें

HighLights
- बिहार में मौजूदा समय में करीब 10 प्रमुख एक्सप्रेस वे परियोजनाओं पर हो रहा है काम
- गोरखपुर-सिलीगुड़ी, वाराणसी-रांची-कोलकाता, रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस वे से जुड़ते हैं कई जिले
- एक्सप्रेस वे शुरू होने से पहले ही जमीन की कीमत में हो रही बढ़ोतरी
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय लगातार देश के कई राज्यों में सड़कों की कनेक्टिविटी को बेहतर कर रहा है। इसी क्रम में बिहार में भी हाइवे और Expressway का नेटवर्क बढ़ाया जा रहा है। राज्य में कुछ ऐसे एक्सप्रेस वे बनाए जा रहे हैं, जिनके जरिए 20 से ज्यादा जिलों को जोड़ा जा रहा है। यह एक्सप्रेस वे (Upcoming Expressways in Bihar) कौन से हैं। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।
Gorakhpur-Siliguri Expressway
उत्तर प्रदेश के गोरखुपर से पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी के बीच नए एक्सप्रेस वे पर काम किया जा रहा है। इस एक्सप्रेस का बड़ा फायदा बिहार जैसे पूर्वी भारत के राज्य को होगा। बिहार के 10 से ज्यादा जिलों से यह एक्सप्रेस निकल रहा है, जिसमें गोपालगंज, पश्चिम चंपारण, मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, फारबिसगंज, अररिया और किशनगंज शामिल हैं। कुल 519 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस वे का 416 किलोमीटर लंबा हिस्सा बिहार से निकल रहा है। इसे करीब 32 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है और इसे 2025 तक पूरा किया जा सकता है।
Varanasi-Kolkata Expressway
उत्तर प्रदेश के वाराणसी से शुरू होकर पश्चिम बंगाल के कोलकाता तक एक और एक्सप्रेस वे को बनाया जा रहा है, जिसका एक हिस्सा बिहार से होकर गुजरेगा। 610 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस वे को 35 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है और इसे 2026 या 2027 तक पूरा कर लिए जाने की उम्मीद है। बिहार में इसका करीब 187 किलोमीटर लंबा हिस्सा होगा। जिससे कैमूर, औरंगाबाद, रोहतास और गया जिले को जोड़ा जा सकेगा।
यह भी पढ़ें- कार के साथ हो जाए हादसा तो किन कारणों से नहीं मिलता Insurance Claim, जानें पूरी डिटेल
Haldia-Raxaul Expressway
बिहार में एक्सप्रेस वे के जरिए सड़क नेटवर्क को बढ़ाने में हल्दिया और रक्सौल एक्सप्रेस वे का भी बड़ा योगदान है। 650 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस वे से बिहार के नौ जिले आपस में जुड़ जाएंगे। जानकारी के मुताबिक बांका, जमुई, शेखपुरा, नालंदा, पटना, सारन, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी और पश्चिम चंपारण जिले इस एक्सप्रेस वे से जुड़ेंगे।
खबरें और भी
Real State को भी फायदा
बिहार में इन एक्सप्रेस वे के कारण रियल एस्टेट को भी बड़ा फायदा होगा। इन एक्सप्रेस वे के शुरू होने से पहले ही जमीन की कीमत में बढ़ोतरी हो रही है।
यह भी पढ़ें- क्या होता है Brake Fluid, कार के लिए कितना होता है जरूरी, जानें इसे कब बदलना होता है बेहतर