अमित शाह के दौरे के बाद सीमांचल में एक्शन: ड्रग माफियाओं पर NCB-SSB का शिकंजा, आधार केंद्रों पर छापेमारी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सीमांचल दौरे के बाद अररिया में भारत-नेपाल सीमा पर नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। सुरक्षा बलो ...और पढ़ें

1400 किलोग्राम नशीले पदार्थ गांजा। फोटो जागरण

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
दीपक कुमार गुप्ता, सिकटी, (अररिया)। भारत-नेपाल की खुली सीमा गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए एक प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट बन गया है। मई 2026 में सुरक्षा बलों ने नरपतगंज में 1,215 तथा सिकटी में 630 किलोग्राम गांजा जब्त कर नशे के सौदागरों के कमर तोड़ने का भरसक प्रयास किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों में आंकी गई है।
वहीं, देखा जाए तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बिहार के सीमांचल (पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज) के हालिया दौरे के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने नशे के सौदागरों और अवैध घुसपैठियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
नेपाल और बांग्लादेश की सीमाओं से सटे इलाकों में ड्रग्स, जाली नोट और मानव तस्करी के सिंडिकेट्स को तोड़ने के लिए विशेष रणनीतियां बनाई गई हैं। जिसके तहत सीमा पर ऑपरेशन प्रहार चलाया जा रहा है।
इसी का परिणाम है कि सिकटी पुलिस द्वारा 2026 में अब तक लगभग 1400 किलोग्राम नशीले पदार्थ गांजा को जब्त करने में बड़ी सफलता पाई है। जबकि इस मामले में चार की गिरफ़्तारी कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अररिया जिले के लगभग 110 किमी नेपाल सीमा की बात करें तो नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और स्थानीय पुलिस के बीच आपसी समन्वय बढ़ाकर मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रहार किया जा रहा है।
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साथ हीं तस्करों और घुसपैठियों द्वारा फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों के इस्तेमाल को रोकने के लिए संदिग्ध आधार केंद्रों पर छापेमारी भी की जा रही है।
नशा का नया प्रयोग स्मैक
भारत-नेपाल सीमा पर स्मैक का कारोबार तेजी से पांव पसार रहा है। जबकि पुलिस प्रशासन और एसएसबी समय समय पर इसका पर्दाफाश कर इसका कमर तोड़ने में लगी है। पकड़े गए युवक केरियर के रूप में सामने आ रहे हैं।
जबकि मुख्य सरगना अभी भी पुलिस की पहुंच से कोसों दूर है। इस पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन, एसएसबी सहित दर्जनभर सुरक्षा एजेंसियां तैनात है। पकराए गए सभी युवक या तो नशे के आदि थे या स्मैक को एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाया करते थे।
गांवों तक पहुंच रहा मादक पदार्थ
इतना ही नही अब तो गांवों व टोलों में हफीम, स्मैक, चरस जैसे मादक पदार्थों का सेवन कर युवा पीढ़ी नशे के आगोश में समाते जा रहे हैं। समय-समय पर पुलिस प्रशासन व एसएसबी के अधिकारियों द्वारा नशीले पदार्थों की जब्ती की जाती है। फिर भी इसका धंधा रुकने का नाम नहीं लें रहा है।
15 मई 2026: सिकटी थाना पुलिस तथा एसएसबी 52वी वाहिनी डी कंपनी लेटी के संयुक्त प्रयास से भारी मात्रा में नशीले पदार्थ गांजा को जब्त करने में बड़ी सफलता हासिल की गई। इस संयुक्त कार्रवाई में एक तस्कर को भी दबोच लिया गया है। प्लास्टिक की 21 बोरी में कुल 630 किलोग्राम गांजा को बरामद किया गया है।
18 अप्रैल 2026: सिकटी थाना पुलिस ने सोहागमारो वार्ड संख्या में एक तस्कर के पास से 3 ग्राम स्मैक, 650 ग्राम गांजा, एक एल्युमीनियम फाइल (स्मैक पीने वाला) एवं एक पुराना डिजीटल तुला बरामद किया था।
आठ फ़रवरी 2026: जी कंपनी आमबारी तथा सिकटी थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 16 बोरी में 512 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया था।
12 फ़रवरी 2026: एसएसबी 52वीं वाहिनी सी कंपनी लेलोखर तथा उसकी बाहरी सीमा चौकी डुमरिया के संयुक्त प्रयास से प्लास्टिक की 16 बोरी में कुल 476 किलोग्राम गांजा को बरामद किया गया था।
5 फ़रवरी 2026: सिकटी थाना पुलिस तथा एसएसबी लेटी की संयुक्त कार्रवाई में 123 किलोग्राम गांजा जब्त। अज्ञात पर मामला दर्ज किया गया था।
क्या कहते हैं अधिकारी?
एसएसबी व पुलिस प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में तस्करों व नशे का कारोबार करने वालों पर नकेल कसी जा रही है। लगातार पेट्रोलिंग जारी है। सीमा पर हमारे जवान पूरी तरह से चौकसी बरत रहे हैं। सतर्कता के चलते दर्जनोभर आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं। -पीएन सिंह, कार्यवाहक कमाडेंट, 52वी वाहिनी, अररिया
सीमा पर नशीले पदार्थ के कारोबार में बड़े रैकेट शामिल हैं। इन माफियाओ पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इनके सफाया को लेकर पुलिस प्रशासन दृढ़ संकल्पित है। -जितेंद्र कुमार, एसपी, अररिया