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    बिहार में इथेनॉल पेट्रोल पर मचा बवाल! वाहन चालकों ने कहा- घट गया गाड़ी का पिकअप और माइलेज; सप्लाई अफसर अलर्ट

    Updated: Mon, 29 Jun 2026 12:19 PM (IST)

    अररिया के नरपतगंज प्रखंड में वाहन चालक इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से गाड़ियों का माइलेज और पिकअप घटने की शिकायत कर रहे हैं। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो र ...और पढ़ें

    'इथेनॉल वाले पेट्रोल से घट गया गाड़ियों का माइलेज...' अररिया में वाहन चालकों ने उठाई आवाज, आपूर्ति पदाधिकारी ने दिए जांच के आदेश

    'इथेनॉल वाले पेट्रोल से घट गया गाड़ियों का माइलेज...' अररिया में वाहन चालकों ने उठाई आवाज, आपूर्ति पदाधिकारी ने दिए जांच के आदेश

    HighLights

    1. इथेनॉल पेट्रोल से गाड़ियों का माइलेज और पिकअप कम हुआ।

    2. चालकों को आर्थिक नुकसान, इंजन पर बढ़ा दबाव महसूस हुआ।

    3. तकनीकी जांच और जागरूकता अभियान चलाने की मांग की गई।

    संवाद सूत्र, फुलकाहा (अररिया)। पेट्रोल में इथेनॉल (Ethanol) का मिश्रण बढ़ने के साथ ही अररिया जिले के नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र से वाहन चालकों की बड़ी शिकायतें सामने आने लगी हैं। कई चालकों का दावा है कि नए ईंधन से गाड़ियों के माइलेज और प्रदर्शन पर सीधा असर पड़ रहा है।

    एक लीटर पेट्रोल में अब कम चल रही हैं गाड़ियां

    क्षेत्र के दोपहिया और चारपहिया वाहन मालिकों का कहना है कि पहले जहां एक लीटर पेट्रोल में उनकी गाड़ियां अधिक दूरी तय करती थीं, वहीं अब माइलेज काफी कम हो गया है। इससे वाहन चालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

    गाड़ियों का पिकअप हुआ कम, इंजन पर बढ़ा दबाव

    वाहन चालकों का यह भी दावा है कि गाड़ियों का पिकअप अब पहले जैसा नहीं रहा और ड्राइविंग के दौरान इंजन पर अतिरिक्त दबाव महसूस हो रहा है। इसके कारण खासकर चढ़ाई या ओवरटेक करते समय परेशानी आ रही है।

    ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच बढ़ा मासिक बजट

    स्थानीय लोगों का कहना है कि पेट्रोल की कीमतें पहले से ही आसमान छू रही हैं, ऐसे में माइलेज घटने से उनका मासिक खर्च और बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। प्रतिदिन लंबी दूरी तय करने वाले नौकरीपेशा लोगों की जेब पर इसका सीधा असर पड़ा है।

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    बार-बार भरवाना पड़ रहा पेट्रोल, मैकेनिकों के पास लगी भीड़

    दैनिक यात्रियों के मुताबिक, अब उन्हें पहले की तुलना में अधिक बार पेट्रोल पंप का चक्कर लगाना पड़ रहा है। कुछ चालकों ने शिकायत की कि गाड़ी की आवाज बदल गई है और मेंटेनेंस (रखरखाव) का खर्च भी अचानक बढ़ गया है।

    क्या कहते हैं ऑटोमोबाइल क्षेत्र के स्थानीय मैकेनिक?

    स्थानीय गैरेज और वर्कशॉप के मैकेनिकों का कहना है कि इन दिनों कई वाहन मालिक माइलेज कम होने और इंजन की कार्यक्षमता घटने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। हालांकि, मैकेनिक इसके पीछे कुछ अन्य कारण भी मान रहे हैं।

    सिर्फ इथेनॉल नहीं, इन वजहों से भी घटता है माइलेज

    तकनीकी जानकारों का मानना है कि किसी भी वाहन के माइलेज और प्रदर्शन पर सिर्फ ईंधन ही नहीं, बल्कि ड्राइविंग की शैली, समय पर सर्विसिंग न होना, टायरों में हवा का कम दबाव और इंजन की आंतरिक स्थिति जैसे कई अन्य कारक भी निर्भर करते हैं।

    प्रशासन से जागरूकता अभियान चलाने की उठी मांग

    परेशान वाहन चालकों का कहना है कि सरकार यदि इथेनॉल मिश्रित ईंधन से जुड़े तकनीकी बदलाव कर रही है, तो आम जनता को इसकी स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए। वाहन मालिकों ने इस विषय पर व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है।

    मामले की तकनीकी जांच कराने की जरूरत

    उपभोक्ताओं ने संबंधित विभाग से अपील की है कि माइलेज और इंजन डैमेज से जुड़ी इन जनशिकायतों की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए। यदि ईंधन की गुणवत्ता में कोई कमी है, तो उस पर तुरंत एक्शन होना चाहिए।

    जांच टीम गठित कर होगी छापेमारी: 

    पेट्रोल की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की शिकायतों को देखते हुए जल्द ही एक विशेष जांच टीम गठित की जाएगी, जो विभिन्न पेट्रोल पंपों पर छापेमारी कर उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

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    पुनीता कुमारी, नरपतगंज की प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी