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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Araria Journalist Murder : पत्रकार विमल की हत्या का जेल में मना था जश्न, बांटी थी मिठाई, ऐसे रची गई पूरी साजिश

    By Edited By: Yogesh Sahu
    Updated: Wed, 23 Aug 2023 02:06 PM (IST)

    Araria Journalist Murder अररिया में पत्रकार विमल कुमार हत्याकांड की साजिश की परतें खुलती जा रही हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन ...और पढ़ें

    Araria Journalist Murder : पत्रकार विमल की हत्या का जेल में मना था जश्न, बांटी थी मिठाई, ऐसे रची साजिश
    Araria Journalist Murder : पत्रकार विमल की हत्या का जेल में मना था जश्न, बांटी थी मिठाई, ऐसे रची साजिश

    HighLights

    1. क्रांति यादव के घर पर रची गई थी विमल की हत्या की साजिश, वीडियो काल से जेल से हुई थी बात
    2. माधव यादव ने ही विमल को मारी गोली, घटना में प्रयुक्त बाइक व हथियार भी पुलिस ने किया बरामद
    3. अररिया जेल में बंद क्रांति यादव व सुपौल कारा में बंद रूपेश से वीडियो काल से बात कर ली गई थी सहमति

    Dainik Jagran Journalist Murder, Araria : जागरण टीम, अररिया/पूर्णिया। पूर्णिया अररिया जिले के रानीगंज के पत्रकार विमल कुमार की हत्या की साजिश क्रांति यादव के घर रची गई थी। विमल की हत्या की साजिश जिस रात रची गई, वह रात अपराधियों ने क्रांति यादव के घर में ही बितायी थी और सुबह वारदात को अंजाम दिया था।

    पत्रकार विमल कुमार की हत्या के बाद जेल में मिठाई बांटी गई थी। क्रांति यादव के घर पर भी मिठाई भेजी गई थी। इन बातों का खुलासा पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद मुख्य आरोपित माधव यादव ने किया है।

    वीडियो कॉल पर ली थी सहमति, माधव ने ही मारी गोली

    पुलिस की पूछताछ में माधव ने यह भी बताया कि इस घटना को अंजाम देने को लेकर अररिया जेल में बंद आरोपित क्रांति यादव एवं सुपौल कारा में बंद रूपेश से वीडियो कॉल से बात कर सहमति ली गई थी।

    उनकी हरी झंडी मिलने के बाद इस घटना को अंजाम दिया गया। गिरफ्तार माधव ने पूछताछ में पुलिस के समक्ष इस बात को स्वीकार किया कि उसने ही विमल को गोली मारी।

    पत्रकार विमल कुमार की क्यों की गई हत्या?

    गोली मारने की वजह के संबंध में आरोपित ने बताया कि गब्बू यादव की हत्या के मामले में एक गवाह के मुकर जाने के बाद एकमात्र गवाह पत्रकार विमल रह गया था।

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    उन लोगों ने सोचा कि इसे रास्ते से हटा देने के बाद पूरा मामला समाप्त हो जाएगा। माधव यादव की गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर पुलिस टीम ने माधव यादव एवं क्रांति यादव के घर में जाकर घंटों छापेमारी की।

    माधव के घर की पुलिस ने चप्पे-चप्पे की तलाशी ली। इस दौरान लकड़ी के ढेर से पुलिस को हथियार मिलने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि लकड़ी के ढेर के बीच हथियार एवं कारतूस को प्लास्टिक एवं कपड़े में बांधकर छिपाकर रखा गया था।

    पुलिस ने उस मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया है, जिस पर सवार होकर माधव यादव अपने सहयोगियों के साथ विमल की हत्या के लिए उसके घर पहुंचा था।

    उसने पुलिस को इस बात की भी जानकारी उपलब्ध कराई है कि विमल की हत्या के बाद इस घटना में शामिल सभी अपराधियों ने किन ठिकानों पर जाकर शरण ली।

    गिरफ्तार माधव ने बताया कि वह पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण न्यायालय में आत्मसमर्पण की बात सोच रहा था कि इस बीच पुलिस ने उसे दबोच लिया।

    पत्रकार विमल की हत्या के बाद अररिया जेल में बंटी मिठाई

    पुलिस को जांच में इस बात के भी सबूत हाथ लगे हैं कि अररिया के जिस कारा में क्रांति यादव बंद है, वहां हत्या के बाद मिठाई पहुंचाई गई और कारा के अंदर क्रांति यादव ने कैदियों के बीच मिठाई बांटकर विमल की हत्या का जश्न मनाया।

    विमल की हत्या के बाद अररिया कारा में क्रांति यादव के लिए मिठाई लेकर कौन पहुंचा था, उसकी तस्वीर को पुलिस ने कारा में लगे सीसीटीवी से बरामद कर लिया है।

    हत्या के लिए वीडियो कॉल और वॉट्सऐप कॉल का लिया सहारा

    माधव यादव ने पुलिस के समक्ष इस बात को भी स्वीकार किया है कि विमल की हत्या की योजना बनाने में सुपौल एवं अररिया कारा में बंद अपने साथियों से बात करने के लिए वीडियो कॉल एवं वॉट्सऐप कॉल से बात का सहारा लिया।

    पुलिस को जांच में माधव यादव के मोबाइल फोन से सुपौल कारा एवं अररिया कारा में बंद दो आरोपितों से वीडियो कॉल एवं वॉट्सऐप कॉल से बात करने संबंधी कई अहम जानकारी हाथ लगी है।

    अलग-अलग रास्तो से लौटे थे क्रांति के घर

    रानीगंज से घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपित अलग-अलग रास्तों से लौटकर भी क्रांति यादव के घर पर ही रुके थे। जब पुलिस की दबिश बढ़ने लगी तब आरोपितों ने अपना-अपना ठिकाना बदल लिया।

    अर्जुन शर्मा को भारत-नेपाल सीमा स्थित जोगबनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत चाणक्य चौक से सोमवार देर रात को, जबकि माधव यादव उर्फ लाट साहब को अररिया के कॉली मंदिर रोड स्थित खरैया बस्ती से मंगलवार को गिरफ्तार किया गया।

    पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे

    हत्यारोपी अर्जुन पर रानीगंज थाना में अप्रैल, 2019 में हत्या एवं आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज है। माधव यादव पर रानीगंज थाना में 2016 से लेकर 2020 तक के बीच चार मामले दर्ज हैं।

    इनमें हत्या, लूट व आर्म्स एक्ट के केस हैं। माधव की निशानदेही पर पुलिस ने उसके घर में रखी लकड़ियों के ढेर से हत्या में प्रयुक्त हथियारों व बाइक को बरामद किया है।

    बरामद किए गए हथियारों की जांच विशेषज्ञों द्वारा की जाएगी। अब हत्या मामले में नामजद आठ आरोपितों में छह विपिन यादव, भवेश यादव, आशीष यादव, उमेश यादव, अर्जुन शर्मा और माधव यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    रिमांड पर लेगी पुलिस

    इनमें विपिन यादव, भवेश यादव, आशीष यादव और उमेश यादव को 19 अगस्त को ही जेल भेजा जा चुका है। दो आरोपित रूपेश यादव और क्रांति यादव पूर्व से जेल में बंद हैं।

    स्पीडी ट्रायल चलाकर पुलिस आरोपितों को सजा दिलाएगी। गोली मारने में अर्जुन शर्मा और माधव यादव का नाम सामने आ रहा है। जेल में बंद दो आरोपितों रूपेश और क्रांति यादव को रिमांड पर लेने की कानूनी प्रक्रिया बुधवार को पूरी की जाएगी।