यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Murder Case : पत्रकार विमल को पहले धमकी दी.. फिर जेल में रची पूरी साजिश, CCTV को चकमा देकर आए थे हत्यारे
Araria Bihar Journalist Vimal Kumar Murder Case बिहार के अररिया जिले में शुक्रवार सुबह हुई पत्रकार विमल कुमार की हत्या के मामले में पुलिस की जांच में ...और पढ़ें

HighLights
- एक अपराधी अररिया में तो दूसरा सुपौल जेल में है बंद
- तीन अपराधी जमानत पर जेल से निकले थे बाहर, दे रहे थे धमकी
- विमल ने धमकी को नजरअंदाज कर दिया और अपने निर्णय पर अडिग रहे
Araria Journalist Murder Case : जागरण संवाददाता, अररिया/पटना। अररिया जिला के रानीगंज प्रखंड के पत्रकार विमल की हत्या की साजिश सुपौल जेल में रची गई थी। घटना को अंजाम देने में विमल के भाई शशिभूषण उर्फ गब्बू यादव के हत्यारों का ही हाथ है।
हत्या के नामजद अभियुक्तों में से एक क्रांति यादव अररिया में तो दूसरा रूपेश सुपौल जेल में बंद है। तीन आरोपित जमानत पर जेल से बाहर निकले हैं, जिनमें से दो अर्जुन शर्मा और माधव यादव फरार हैं।
वहीं, एक आरोपित की सुपौल में हत्या कर दी गई थी। जेल से बाहर निकले आरोपितों द्वारा पत्रकार पर इस बात का दबाव बनाया जा रहा था कि वे न्यायालय में उन लोगों के खिलाफ गवाही न दें।
लेकिन, विमल ने धमकी को नजरअंदाज कर दिया और गवाही देने के अपने निर्णय पर अडिग रहे। जानकारी के अनुसार शुक्रवार की सुबह कुछ अपराधी पत्रकार विमल के घर पहुंचे।
अपराधियों ने विमल का घरेलू नाम पप्पू भैया कहकर पुकारा। वे जैसे ही घर का दरवाजा खोल कर बाहर निकले, अपराधियों ने नजदीक से ताबड़तोड़ तीन गोली मार दी।
गोली लगते ही विमल घर के आंगन में जा गिरे। घर में ही उनकी मौत हो गई। अपराधी बाइक पर सवार होकर सुपौल की ओर भागने में सफल रहे।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि अब तक की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उससे स्पष्ट होता है कि पुरानी रंजिश की वजह से ही पत्रकार विमल की हत्या हुई है।
विमल के भाई की हत्या बदमाशों ने 2019 में की थी। हत्या के मामले में छह लोगों को नामजद आरोपित बनाया गया था।
पुलिस का दावा है कि जिन अपराधियों ने विमल के भाई की हत्या की थी, उन्हीं लोगों का हाथ इस घटना के पीछे है।
पुलिस ने हत्यारों को पकड़ने के लिए डाग स्क्वायड को घटना स्थल पर बुलाया था, लेकिन कोई खास सफलता नहीं मिली।
पुलिस का दावा, हत्या करने वाले जल्द होंगे गिरफ्तार
दैनिक जागरण के पत्रकार विमल कुमार यादव की हत्या मामले में पुलिस का दावा है कि जल्द ही अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
डाग स्क्वायड और फारेंसिक लैब की टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की है। रानीगंज थानाध्यक्ष कौशल कुमार ने बताया कि विमल के भाई शशिभूषण की हत्या के मामले में नामजद आरोपित विपिन यादव को पूछताछ के लिए थाना लाया गया है।
शेष बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए टीम बनाकर छापेमारी की जा रही है। शशिभूषण हत्याकांड में आरोपित बनाए गए छह बदमाशों में रूपेश और क्रांति यादव जेल में हैं। वहीं, राजू राय की पूर्व में ही हत्या हो चुकी है।
सीसीटीवी से बचकर आए थे हत्यारे, नहीं पता चल रहा सुराग
पत्रकार विमल कुमार यादव के हत्यारों का सुराग अब तक नहीं लग पाया है। घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है, लेकिन उसके फुटेज में हमलावर नहीं दिख रहे।
खबरें और भी
पुलिस ने अंदेशा जताया है कि हमलावरों को सीसीटीवी कैमरा का पता होगा, इसलिए वे दूसरे रास्ते से आए। चारों अपराधी दो बाइक पर सवार होकर आए थे और घटना को अंजाम देकर भाग निकले।
हत्यारों ने विमल के सीने में तीन गोलियां मारीं। घटना के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। वहां एक्सरे रिपोर्ट में पता चला कि गोली शरीर के आर-पार हो गई थी।
एसपी कर रहे जांच, मुख्यालय ने मांगी रिपोर्ट
अररिया के रानीगंज में पत्रकार विमल कुमार यादव की हत्या मामले को लेकर पुलिस मुख्यालय ने अररिया के एसपी से फोन पर बात कर पूरी जानकारी ली है।
पुलिस मुख्यालय के एडीजी जितेंद्र सिंह गंगवार ने बताया कि एसपी खुद घटनास्थल पर गए हैं और पूरी जांच कर रहे हैं।
डाग स्क्वायड और फारेंसिक लैब की टीम को भी जांच के लिए भेजा गया है। एसपी से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
अभी तक जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार सुबह 5:30 बजे अपराधियों ने विमल यादव को आवाज देकर बाहर बुलाया और फिर गोली मार दी।
परिजनों से पूछताछ में जानकारी मिली है कि 2019 में विमल यादव के भाई गोकुल यादव की भी हत्या हुई थी। विमल इसके गवाह थे।
इसी सिलसिले और पुरानी रंजिश में हत्या की गई है। पुलिस का दावा है कि इस मामले में जल्द ही अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
बिहार में आपराधिक घटनाएं बढ़ने के सवाल पर एडीजी ने कहा कि पुलिस पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है।
अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ और वज्र टीम को लगाया गया है। जो भी घटनाएं हो रही हैं, उनकी जांच कर अपराधियों की गिरफ्तारी की जाएगी।