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    सुनसरी में सांप्रदायिक हिंसा के बाद कर्फ्यू में ढील, जनजीवन सामान्य होने की ओर; भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी सतर्क

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 09:46 PM (IST)

    नेपाल के सुनसरी में सांप्रदायिक हिंसा के बाद लगे कर्फ्यू में ढील दी गई है, जिससे जनजीवन सामान्य हो रहा है। हालांकि, एक महिला पर हमले के बाद फिर तनाव ब ...और पढ़ें

    कर्फ्यू में ढील के बाद खुले बाजार, महिला पर हमले के बाद फिर बढ़ा तनाव; अररिया में भारत-नेपाल सीमा पर SSB व पुलिस सतर्क

    कर्फ्यू में ढील के बाद खुले बाजार, महिला पर हमले के बाद फिर बढ़ा तनाव; अररिया में भारत-नेपाल सीमा पर SSB व पुलिस सतर्क

    HighLights

    1. सुनसरी में सांप्रदायिक हिंसा के बाद कर्फ्यू में ढील।

    2. नेपाल के गृहमंत्री ने पीड़ितों को सहायता का आश्वासन दिया।

    3. भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी और पुलिस अलर्ट पर।

    संवाद सूत्र, फुलकाहा (अररिया)। नेपाल के सुनसरी जिले में बीते 26 जुलाई को शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा और कई दिनों तक चले अनिश्चितकालीन कर्फ्यू के बाद पहली बार जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होता दिख रहा है। शनिवार को प्रशासन द्वारा कर्फ्यू में दी गई आंशिक ढील के दौरान बाजारों में चहल-पहल लौटी और सड़कों पर वाहन दौड़ने लगे। हालांकि, पूरे क्षेत्र में नेपाल पुलिस, सशस्त्र प्रहरी बल और नेपाली सेना के जवान संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त कर रहे हैं।

    गौरतलब है कि सुनसरी जिले के देवानगंज गांवपालिका वार्ड संख्या चार स्थित कप्तानगंज में 26 जुलाई की रात कांवर यात्रा के दौरान दो समुदायों के बीच शुरू हुआ विवाद सांप्रदायिक हिंसा में बदल गया था। उपद्रव के दौरान हुई फायरिंग में ओमप्रकाश मेहता (24) की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि जयप्रकाश मेहता (22) ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था। इसके बाद इलाके में भारी आगजनी, तोड़फोड़ और प्रदर्शन के कारण अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगाना पड़ा था।

    गृहमंत्री के आश्वासन और समझौते से घटा तनाव

    हालात को नियंत्रित करने के लिए नेपाल के गृहमंत्री सुधन गुरुंग स्वयं 30 जुलाई की देर रात कप्तानगंज पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर सरकार की ओर से निम्नलिखित घोषणाएं कीं:

    • सहायता व रोजगार: परिजनों को आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी।

    • कार्रवाई व सम्मान: घटना की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई, मृतकों को शहीद का दर्जा देने की प्रक्रिया और उनकी याद में स्मृति पार्क का निर्माण।

    सरकार और पीड़ित परिवारों के बीच हुए इस समझौते के बाद क्षेत्र में तनाव काफी हद तक कम हुआ और शांति बहाल होने की उम्मीद जगी।

    महिला पर हमले से फिर भड़का आक्रोश

    शांति प्रक्रिया के बीच रविवार को देवानगंज की रहने वाली सरस्वती कुमारी मेहता (33) जब खेत में घास काटने गई थीं, तब उनके सिर पर गुलेल से फेंका गया पत्थर लग गया। गंभीर रूप से घायल महिला को विराटनगर के न्यूरो अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत खतरे से बाहर है।

    खबरें और भी

    इस घटना की खबर फैलते ही करीब 150 से अधिक स्थानीय लोग कप्तानगंज में जुट गए और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस निरीक्षक प्रकाश पराजुली के नेतृत्व में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पत्थर फेंकने वाले की पहचान की जा रही है।

    अररिया से सटी भारत-नेपाल सीमा पर SSB पूरी तरह सतर्क

    सुनसरी में उपजे तनाव को देखते हुए भारत-नेपाल सीमा से सटे बिहार के अररिया जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी हाई अलर्ट है:

    • कड़ी निगरानी: एसएसबी (SSB) और बिहार पुलिस संयुक्त रूप से सीमा पर लगातार पेट्रोलिंग और चेकिंग अभियान चला रही है।

    • सुरक्षा एजेंसियों का समन्वय: दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां आपस में पल-पल की जानकारी साझा कर रही हैं ताकि नेपाल के उपद्रव का कोई असर भारतीय सीमा क्षेत्र में न पड़े।