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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Araria: इंडो-नेपाल बॉर्डर पर तस्कर बेखौफ, किसकी शह पर बढ़ा हुआ है बदमाशों का मनोबल; पहले भी हुई कई हिंसक झड़प

    By Ashutosh Kumar NiralaEdited By: Roma Ragini
    Updated: Tue, 21 Feb 2023 12:38 PM (IST)

    Araria news 56वीं बटालियन के मुख्य सेनानायक सुरेंद्र विक्रम पर तस्करों ने गोली चला दी थी। ऐसे में इस वारदात से साफ हो गया है कि तस्कर इतने बेखौफ है कि ...और पढ़ें

    इंडो-नेपाल बॉर्डर पर तस्कर बेखौफ पहले भी हो चुकी है जवानों से झड़प
    इंडो-नेपाल बॉर्डर पर तस्कर बेखौफ पहले भी हो चुकी है जवानों से झड़प

    अजीत कुमार, फुलकाहा (अररिया)। इंडो-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र के नरपतगंज क्षेत्र के सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्कर बेखौफ हैं। जिस तरह से तस्कर ने एसएसबी अधिकारी को गोली मारकर घायल कर दिया, यह चिंंता का विषय है। अब सवाल उठ रहे हैं कि किसकी शह पर तस्करों का मनोबल बढ़ा हुआ है।

    पहले एसएसबी जवानों और पुलिस के साथ हिंसक झड़प की घटना सामने आती थी, लेकिन जिस प्रकार 56वीं बटालियन के मुख्य सेनानायक सुरेंद्र विक्रम पर दिनदहाड़े तस्करों ने निडरता के साथ गोली चला दी, यह उनके दुस्साहस को दिखा रहा है।

    अचरज की बात है कि खुली सीमा क्षेत्र में जगह-जगह एसएसबी की चौकी है। इसके बावजूद सीामावर्ती क्षेत्रों में प्रतिबंधित शराब, गांजा, मवेशी, डीजल, रासायनिक खाद समेत कई सामानों की धड़ल्ले से तस्करी होती आ रही है। कई मामलों में जब भी एसएसबी ने तस्करों पर नकेल कसा है, उसके बाद हिंसक झड़प की घटनाएं सामने आती रहती है।

    तीन दिन पहले बेला एसएसबी ने आठ क्विंटल गांजा के साथ एक तस्कर को पकड़ा था। इसके साथ घूरना में भी पिछले सप्ताह चार किलो गांजा के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया था। करीब दो हजार से ज्यादा बोतल के साथ शराब तस्कर को भी एसएसबी ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। जिस प्रकार हिंसक भीड़ ने सेनानायक सुरेंद्र विक्रम पर सीधा फायर कर दिया, उनके बॉडीगार्ड ने समय पर जवाबी कार्रवाई करते हुए आत्मरक्षार्थ गोली नहीं चलाई होती तो शायद इससे भी गंभीर घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है।

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    पूर्व में भी हो चुकी है हिंसक झड़प

    इस क्षेत्र में पहले भी दर्जनों हिंसक झड़प की घटनाएं हो चुकी है। नरपतगंज प्रखंड के पथरदेवा भारत-नेपाल सीमा पर 26 नवंबर 2022 को एसएसबी और खैनी तस्करों में झड़प हुई थी। जिसमें एसएसबी के दो जवान जख्मी हुए थे।

    2014 में नरपतगंज के बेला मिलन चौक पर तस्करों और एसएसबी जवानों में झड़प हुई। दो एसएसबी जवान को बंधक बना लिया गया था। इस मामले में केस दर्ज किया गया।

    2016 में फुलकाहा के कोशिकापुर इंडो-नेपाल बॉर्डर पर डीजल तस्कर और एसएसबी के बीच झड़प हुई। तस्करों ने एसएसबी कैंप के आगे आगजनी भी की थी और एसएसबी के वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया था।

    2018 में बसमतिया में तस्कर और एसएसबी में मारपीट और झड़प हुई थी। इस मामले में केस दर्ज किया गया था। हालांकि, ताजा घटना के बाद एसपी अशोक कुमार सिंह समेत फारबिसगंज डीएसपी शुभांक मिश्रा और स्थानीय पुलिस लगातार मामले को लेकर सजग दिख रही है।

    एसपी ने घुरना पहुंचकर घटनास्थल की जांच की और अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अपराधियों की शिनाख्त कर धर पकड़ में जुटी हुई है।