यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Supaul Araria Rail line: सुपौल-अररिया के बीच जल्द दौड़ेगी ट्रेन, रेलखंड पर बनेंगे 12 रेलवे स्टेशन; ये है पूरा प्रोजेक्ट
Bihar New Rail Line सुपौल-अररिया के बीच जल्द ट्रेन दौड़ेगी। इस रेलखंड पर कुल 12 रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे। इस रेल लाइन के लिए जमीन अधिग्रहण अंतिम चरण म ...और पढ़ें

HighLights
- सुपौल-अररिया रेल लाइन के लिए जमीन अधिग्रहण अंतिम चरण में
- 14 साल पूर्व का सपना अब होगा साकार, सुदूर क्षेत्रों में भी सुनाई देगी रेल की सीटी
- इस रेलखंड पर बनेंगे 12 रेलवे स्टेशन
अफसर अली, अररिया। Supaul Araria Rail Line जिले के पश्चमी क्षेत्रों में अब जल्द रेलगाड़ी की सीटी सुनाई देगी। लोगों का 14 साल पूर्व का सपना अब साकार होने वाला है। सुपौल-अररिया रेल परियोजना पर काम चल रहा है। जमीन अधिग्रहण का कार्य अंतिम चरण में है। रैयतों को जमीन मुआवजे का भुगतान हो रहा है। बहुत जल्द भूअर्जन विभाग द्वारा अधिग्रहित जमीन रेलवे को सौंपा जाएगा। जिसके बाद कार्य शुरू होगा।
तीन प्रखंडों में जमीन का अधिग्रहण
यह रेलमार्ग जिले के भरगामा, रानीगंज और अररिया प्रखंड होकर गुजरेगी। अररिया जिले में 767 एकड़ जमीन अधिग्रहण किया गया है। जिसमें रानीगंज प्रखंड में 405 एकड़, भरगामा प्रखंड में 246 एकड़ और अररिया प्रखंड में 116 एकड़ जमीन शामिल है। रेलवे लाइन की कुल लंबाई 95.556 किलोमीटर है। जिसमें अररिया जिले में रेल लाइन की लंबाई 41 किमी होगी।
इस रेलमार्ग पर कुल आठ क्रोसिंग व छह हाल्ट होंगे। इस मार्ग में सुपौल और अररिया कोर्ट स्टेशन को छोड़कर 12 नए स्टेशन बनाने का प्रविधान है। जिले में अररिया कोर्ट के बाद मिर्जापुर, बसैटी, रानीगंज, भरगामा, मानुल्लाहपट्टी, खजुरी बाजार, बाघहिली, जदिया, लक्ष्मीपुर, त्रिवेणीगंज, पिपरा, थुमहा स्टेशन बनाया जाएगा। यह रेलमार्ग सुपौल जिले के सुपौल, पिपरा और त्रिवेणीगंज प्रखंड होकर गुजरेगी। जिस पर मिट्टी का कार्य चल रहा है।
नई लाइन से अररिया, रानीगंज और भरगामा प्रखंड क्षेत्रों का विकास होगा और आर्थिक हालात सुधरेंगे। जिले के पश्चिमी इलाके की 15 लाख से अधिक आबादी का सर्वांगीण विकास होगा। रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
2009 में हुआ था शिलान्यास
24 अप्रैल 2009 को इस परियोजना की आधारशिला तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने रानीगंज के वाईएनपी कालेज के सामने रखी थी। यूपीए वन के कार्यकाल में लालू यादव रेल मंत्री थे। उनके कार्यकाल में ही जोगबनी-अररिया-कटिहार रेलवे लाइन का आमान परिवर्तन का उद्घाटन भी हुआ था।
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2018 में बिहार सरकार के तत्कालीन उर्जा मंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री विजेंद्र यादव ने अधिकारियों के साथ बैठक कर इस परियोजना पर तेजी से काम करने का आदेश दिया था। कहा था कि रानीगंज सुपौल रेल परियोजना के लिए रेल मंत्रालय ने 1605 करोड़ रुपए की स्वीकृति भी प्रदान कर दी है।
सुपौल-अररिया रेलमार्ग के लिए अररिया जिले में जमीन अधिग्रहण का कार्य लगभग पूरा हो गया है। रैयतों को जमीन मुआवजे का भुगतान भी तेजी हो रहा है। बहुत जल्द अधिग्रहित जमीन रेलवे को हैंडओवर कर दिया जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। इस परियोजना पर काफी तेजी से काम चल रहा है। - वसीम अहमद, जिल भूअर्जन पदाधिकारी अररिया
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