अरवल में औद्योगिक क्रांति की तैयारी, 128 एकड़ में बिछेगा उद्योगों का जाल; जमीन की गई चिह्नित
अरवल जिले में औद्योगिक विकास के लिए 127.69 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है, जिसमें से सरकारी जमीन का हस्तांतरण हो चुका है और निजी भूमि अधिग्रहण जारी है। ...और पढ़ें

अरवल में औद्योगिक क्रांति की तैयारी
HighLights
अरवल में 127.69 एकड़ भूमि औद्योगिक विकास के लिए चिह्नित।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अरवल को औद्योगिक क्षेत्र घोषित किया था।
3700 करोड़ रुपये आवंटित, जिससे रोजगार मिलेगा और पलायन रुकेगा।
जागरण संवाददाता, अरवल। जिले में उद्योग धंधे की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण कर विभाग को सौंपने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। उद्योग लगाने के लिए सदर प्रखंड के कोरियम और सोनवर्षा पंचायत में एनएच- 139 के किनारे 127.69 एकड़ जमीन की चिह्नित की गई है।
बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण बिहार पटना के द्वारा यहां पर उद्योग लगाए जाएंगे, जिसमे 65.95 एकड़ सरकारी जमीन विभाग के नाम पर दाखिल खारिज किया जा चूका है, बाकी निजी जमीन के अधिग्रहण का कार्य शुरू है।
नीतीश कुमार ने की थी घोषणा
जिले में निवेश और रोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी कंपनियों को स्थापित करने की योजना है। इससे क्षेत्र के विकास के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।
तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रगति यात्रा के दौरान अरवल को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी। इसके लिए बिहार कैबिनेट ने तीन हजार 700 करोड़ रुपये भी आवंटित कर दिए है, जिससे कोरियम मौजा में 61.74 एकड़ रैयती जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू है।
रुकेगा पलायन, खुशहाल होंगे लोग
अरवल अभी उद्योग विहीन जिला है। जिले में एक भी बड़ा कारखाना नहीं है। रोजगार के लिए यहां के लोगों को दिल्ली, मुंबई, गुजरात,पंजाब आदि शहरों में जाना पड़ता है। जिले में उद्योग धंधे, कल-कारखाने खुलेंगे तो लोगों का पलायन रुकेगा और युवाओं को रोजगार मिल पाएगा। प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र का विकास बियाडा द्वारा किया जाएगा।
रैयती जमीन का अधिग्रहण कार्य चल रहा है। सरकारी जमीन का हस्तांतरण उद्योग विभाग को किया जा चुका हैं, जिसके बाद यहां उद्योग लगाने की कवायद शुरू की जाएगी।- विनोद कुमार, भू अर्जन पदाधिकारी