बिहार के अरवल में पानी के तेज बहाव में फंसी बस, यात्रियों ने कूदकर बचाई जान
अरवल में एक यात्री बस बाढ़ के पानी में डूबने से बाल-बाल बची, जिसमें सभी यात्रियों ने कूदकर अपनी जान बचाई।
HighLights
अरवल में बाढ़ के पानी में बस डूबने से बची।
सभी यात्री सुरक्षित, कूदकर बचाई अपनी जान।
पुनपुन नदी के कारण कई गांवों का संपर्क टूटा।
संवाद सूत्र, करपी (अरवल)। पुनपुन नदी के जलस्तर में वृद्धि से मंगलवार की रात सोनभद्र वंशी सूर्यपुर प्रखंड के कई गांव बाढ़ के पानी से घिर गए।
गांवों और प्रमुख मार्गों पर बाढ़ का पानी फैल गया है, जिसमें बुधवार को एक यात्री बस डूबते-डूबते बच गई। सोनभद्र से गया जा रही हरिओम नामक बस एक चक्का सड़क से नीचे पानी में उतर गया।
चालक ने ब्रेक लगाकर किसी तरह बस को नियंत्रित किया। यात्रियों ने बस से कूदकर अपनी जान बचाई। बस पर दर्जन भर यात्री सवार थे।
वहां से सभी यात्री सुरक्षित अपने अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए। ग्रामीणों ने बस को विद्युत तार के सहारे एक पेड़ से बांध दिया है, ताकि बस पानी के बहाव में बहकर दूर न चली जाए।
सोनभद्र-शादीपुर वाया मानिकपुर पथ पर शादीपुर गांव के समीप करीब छह फीट पानी सड़क पर बह रहा है। तेज बहाव के कारण इस मार्ग पर आवागमन बाधित है।

इसके बावजूद चालक बस लेकर मार्ग से गुजर रहा था, जिससे दुर्घटना होते-होते बची। सोनभद्र वंशी सूर्यपुर प्रखंड के लगभग सभी प्रमुख मार्गों पर बाढ़ का पानी फैलने से पड़ोसी प्रखंड करपी एवं कुर्था से पूरी तरह संपर्क समाप्त हो गया है।
गया और औरंगाबाद से टूटा संपर्क
पड़ोसी जिले गया और औरंगाबाद से भी सड़क संपर्क टूट गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों की परेशानी काफी बढ़ गई है। शादीपुर गांव के लोगों को गांव से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। पुनपुन नदी के आसपास बसे गांव पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
अधिकांश गांवों को जोड़ने वाली सड़कों पर पानी की तेज धारा बह रही है। करपी और कुर्था से संपर्क टूटने के साथ-साथ गया एवं औरंगाबाद जिले से भी आवागमन बाधित हो गया है।
इससे दैनिक जरूरतों के सामान, चिकित्सा सुविधा और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ के पानी से प्रखंड के अधिकांश विद्यालय भी घिर गए हैं।
कई विद्यालयों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। वहीं, कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित है। लगातार बाढ़ की स्थिति गंभीर होने से ग्रामीणों में भय और चिंता का माहौल बना हुआ है।
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