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    महाशिवरात्रि 2026 पर भद्रा का साया, जान लीजिए शिवलिंग जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त

    Updated: Wed, 11 Feb 2026 04:35 PM (IST)

    फाल्गुन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी युक्त चतुर्दशी पर महाशिवरात्रि पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा। अरवल जिले में शिवालयों में विशेष हवन, रुद्राभिषेक और रात्र ...और पढ़ें

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    संवाद सहयोगी, कलेर (अरवल)। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी युक्त चतुर्दशी तिथि पर मनाया जाने वाला महाशिवरात्रि का पावन पर्व इस वर्ष 15 फरवरी को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। शिवालयों में विशेष हवन, रुद्राभिषेक और रात्रि पूजन के आयोजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

    ज्योतिषाचार्य हर्ष मिश्रा के अनुसार, चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 15 फरवरी को शाम 5 बजकर 4 मिनट पर होगी और यह 16 फरवरी को शाम 5 बजकर 34 मिनट तक रहेगी। चूंकि चतुर्दशी तिथि रात्रि में पड़ रही है, इसलिए महाशिवरात्रि का व्रत और मुख्य पूजा 15 फरवरी को ही की जाएगी। रात्रि जागरण, शिव मंत्र जप और अभिषेक का विशेष महत्व बताया गया है।

    शिवलिंग जलाभिषेक का पहला मुहूर्त सुबह 8 बजकर 24 मिनट से सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। दूसरा मुहूर्त सुबह 9 बजकर 48 मिनट से सुबह 11 बजकर 11 मिनट तक रहेगा। तीसरा मुहूर्त सुबह 11 बजकर 11 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। बता दें कि ये तीनों मुहूर्त शिवलिंग जलाभिषेक के लिए अति उत्तम है।

    इस वर्ष महाशिवरात्रि पर भद्रा काल भी संयोगवश उपस्थित रहेगा। भद्रा 15 फरवरी की शाम 5:04 बजे से प्रारंभ होकर 16 फरवरी की सुबह 5:23 बजे तक रहेगा। हालांकि, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार भद्रा का वास पाताल लोक में रहेगा, जिसका प्रभाव पृथ्वी लोक पर नहीं माना जाता। ऐसे में भक्तजन निर्भय होकर जलाभिषेक, पूजन और धार्मिक अनुष्ठान कर सकेंगे।

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    धार्मिक मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव अग्नि ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए थे। कई पुराणों में इसी तिथि को भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह का भी उल्लेख मिलता है। यही कारण है कि इस दिन शिव-पार्वती की संयुक्त पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।

    जिले के प्रमुख शिव मंदिरों में भी भव्य आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर समितियों द्वारा व्यवस्था मजबूत की जा रही है। ऐतिहासिक मधुश्रवा धाम मंदिर, पिपलेश्वर महादेव कोयल भूपत तथा बुढ़वा महादेव बेलसार सहित अन्य ग्रामीण शिवालयों में रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और हवन पूजन के कार्यक्रम आयोजित होंगे।

    प्रशासन की ओर से भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरतने की बात कही गई है, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्वक दर्शन-पूजन कर सकें। महाशिवरात्रि को लेकर भक्तों में गहरा उत्साह देखा जा रहा है और बाजारों में पूजन सामग्री की खरीदारी भी तेज हो गई है।

    आस्था, साधना और शिवभक्ति के इस महापर्व पर जिलेभर में भक्ति की धारा प्रवाहित होने को तैयार है। भक्तजन उपवास, रात्रि जागरण और “ॐ नमः शिवाय” के जप के साथ भोलेनाथ से सुख-शांति और समृद्धि की कामना करेंगे।