औरंगाबाद के बटाने पुल में आई दरार, कई राज्यों की कनेक्टिविटी पर पड़ेगा असर; भारी वाहनों पर रोक
औरंगाबाद के रिसियप स्थित बटाने नदी पुल पर भारी मालवाहक वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी गई है। ...और पढ़ें

HighLights
बटाने पुल पर भारी वाहनों का परिचालन रुका।
पुल की कमजोर स्थिति के कारण लिया गया निर्णय।
वैकल्पिक मार्गों पर जाम की समस्या बढ़ने की आशंका।
जागरण टीम, औरंगाबाद/कुटुंबा। रिसियप के पास एनएच-139 स्थित बटाने नदी पर बने पुल पर मंगलवार से भारी मालवाहक वाहनों के परिचालन पर रोक लगी है।
पुल की स्थिति दयनीय होने के बाद जिला प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। प्रशासन ने सोमवार को आदेश जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि पुल की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम आवश्यक है।
एनएच विभाग को पुल की शीघ्र मरम्मत कराने और कार्रवाई की रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश भी जिला प्रशासन ने एनएच को दिया है।
जाम की बढ़ेगी समस्या
हालांकि, वैकल्पिक रूट को लेकर देव के लोगों में नाराजगी है। देव के सटवट गांव निवासी बबलू कुमार सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि देव अस्पताल के पास से देव-अंबा मुख्य पथ तक सड़क एक लेन की है।

निरीक्षण करते अधिकारी।
सड़क पर भारी ट्रकों के चलने से दिनभर जाम की स्थिति बनी रहेगी। ग्रामीणों का कहना है कि अभी भी प्रतिदिन इस मार्ग पर अक्सर जाम लग रही है। भारी वाहनों के बढ़ने से जाम की समस्या विकराल बन जाएगी। बाइक तक निकालना मुश्किल हो जाएगा।
उन्होंने आशंका जताई कि मरीजों की एंबुलेंस भी नहीं निकल पाएगी। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि भारी वाहनों के वैकल्पिक मार्ग से गुजरने पर अंबा, नबीनगर और बारुण में भी रोजाना जाम की समस्या बढ़ेगी।
15 वर्ष भी नहीं टिक पाया पुल
बताया गया कि बटाने पुल की आयु लगभग 15 वर्ष ही पूरी कर चुकी है और पुल कमजोर हो गया है। यह पुल बिहार को झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है, जिसपर प्रतिदिन बड़ी संख्या में ट्रकों से लेकर यात्री वाहनों का आवागमन होता है।
कहते हैं कार्यपालक अभियंता
एनएच के कार्यपालक अभियंता तुलसी प्रसाद ने बताया कि पुल के बगल में डायवर्सन बनाने की योजना तैयार की गई है और उसका प्राक्कलन बनाकर मंत्रालय को भेजा जा रहा है।
स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुल से बड़ी यात्री बसों के परिचालन पर भी रोक लगेगी और केवल छोटे वाहन ही पुल से गुजर सकेंगे। डायवर्सन बनने के बाद बसों का परिचालन वैकल्पिक मार्ग से कराया जाएगा।
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सोमवार को वाहनों का जारी रहा परिचालन
सोमवार को पुल से 18 से 22 चक्के वाले ट्रक और हाइवा पुल से गुजरते रहे। पुल पर खड़े रहने वाले ग्रामीणों ने बताया कि भारी हाइवा के गुजरने के दौरान पुल कांपने लगता है। ग्रामीणों के अनुसार यदि पुल पर जाम लग गया तो बड़ा हादसा हो सकता है।