दो साल की दौड़ खत्म, औरंगाबाद का घूसखोर लिपिक गिरफ्तार; निगरानी टीम ने रंगेहाथ दबोचा
औरंगाबाद के हसपुरा अंचल कार्यालय में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने अंचल लिपिक श्लोक कुमार को जमीन के दाखिल-खारिज के लिए 10,000 रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ ग ...और पढ़ें

लिपिक को गिरफ्तार कर ले जाती निगरानी की टीम। जागरण
HighLights
हसपुरा अंचल लिपिक श्लोक कुमार रिश्वत लेते गिरफ्तार।
जमीन के दाखिल-खारिज के लिए मांगे थे 10,000 रुपये।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने की यह बड़ी कार्रवाई।
संवाद सूत्र, हसपुरा (औरंगाबाद)। सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने सोमवार को हसपुरा अंचल कार्यालय में पदस्थापित अंचल लिपिक श्लोक कुमार को रंगेहाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
लिपिक पर जमीन के दाखिल-खारिज के एवज में ग्रामीण से रिश्वत मांगने का आरोप था। निगरानी टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर अंचल कार्यालय से ही 10 हजार रुपये रिश्वत की राशि के साथ गिरफ्तारी की।
- 10 हजार दाखिल-खारिज के लिए ले रहे थे रिश्वत
- 14 फरवरी को निगरानी की टीम ने किया था सत्यापन
दो साल से परेशान था शिकायतकर्ता
हसपुरा प्रखंड के कोइलवां गांव निवासी व पूर्व सरपंच पति मुनिल कुमार ने बताया कि वे पिछले दो वर्षों से दाखिल-खारिज के लिए अंचल कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे।
इस दौरान लिपिक ने पहले 3500 रुपये लिए और बाद में 15 हजार रुपये की मांग करने लगा। तंग आकर पीड़ित ने पटना स्थित निगरानी विभाग में लिखित शिकायत की।
शिकायत के सत्यापन के बाद निगरानी टीम ने 14 फरवरी को अंचल कार्यालय में जांच की और आरोप सही पाए जाने पर सोमवार को ट्रैप कार्रवाई की।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश
निगरानी डीएसपी अशोक झा ने बताया कि पूरे मामले की जांच जारी है। लिपिक को गिरफ्तार कर पटना ले जाया गया है।
इस कार्रवाई के बाद हसपुरा अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया और बाजार से लेकर कार्यालय परिसर तक मामले की चर्चा होती रही।