औरंगाबाद जिले का बदलेगा नाम, केंद्र के निर्देश पर बिहार सरकार कर रही विचार
औरंगाबाद जिले का नाम 'देव' करने के प्रस्ताव पर सरकार ने संज्ञान लिया है, जिससे 3 जुलाई 2026 का प्रदर्शन स्थगित हुआ। इसी बीच, औरंगाबाद में दानवीर भामाश ...और पढ़ें

औरंगाबाद रेलवे स्टेशन। फाइल फोटो
HighLights
औरंगाबाद जिले का नाम 'देव' करने पर सरकार का संज्ञान।
3 जुलाई 2026 का प्रदर्शन और घेराव स्थगित।
औरंगाबाद में दानवीर भामाशाह की जयंती उत्साह से मनाई गई।
संवाद सूत्र, देव (औरंगाबाद)। देव प्रखंड मुख्यालय स्थित सहदेव चौधरी पुस्तकालय में रविवार को एक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जनेश्वर विकास केंद्र के केंद्रीय सचिव सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने की, जबकि संचालन दीपक गुप्ता ने किया। इस बैठक में जिले का नाम देव करने के लिए चल रहे संघर्ष पर चर्चा की गई।
उपस्थित लोगों ने बताया कि बिहार के अन्य जिलों की तरह औरंगाबाद जिले का नाम देव करने के लिए 1992 से प्रयास जारी हैं। तीन जुलाई 2026 को एक दिवसीय प्रदर्शन और जिला पदाधिकारी कार्यालय का घेराव कर मांग पत्र समर्पित करने की योजना बनाई गई थी।
इसी बीच, गृह मंत्रालय भारत सरकार ने बिहार सरकार को इस मांग के समर्थन में नियमानुकूल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है और बैठक में बिहार तथा केंद्र सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया गया। तीन जुलाई को प्रस्तावित प्रदर्शन एवं घेराव कार्यक्रम को तत्काल स्थगित कर दिया गया।
औरंगाबाद में मनाई गई भामाशाह की जयंती
औरंगाबाद शहर के जसोइया स्थित महाराणा प्रताप एवं भामाशाह प्रतिमा स्थल पर महान दानवीर भामाशाह की जयंती श्रद्धा एवं उत्साह के साथ सोमवार को मनाई गई। ओबरा विधायक डॉ. प्रकाश चंद्र, नगर परिषद अध्यक्ष उदय गुप्ता, राहुल राज, चैंबर आफ कामर्स के अध्यक्ष मुकेश लाल गुप्ता के साथ शहर के गणमान्य व्यक्तियों ने भामाशाह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
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विधायक डॉ. प्रकाश चंद्र ने कहा कि भामाशाह महान राष्ट्रभक्त थे, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। उनका त्याग और राष्ट्रप्रेम आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि भामाशाह के योगदान को इतिहास कभी भुला नहीं सकता।
उन्होंने हल्दीघाटी के युद्ध का उल्लेख करते हुए बताया कि जब महाराणा प्रताप आर्थिक संकट में थे, तब भामाशाह ने अपनी संपत्ति उन्हें समर्पित कर दी, जिससे महाराणा ने अपनी सेना का पुनर्गठन किया और मुगलों के खिलाफ संघर्ष को नई शक्ति मिली। विधायक ने महाराणा प्रताप सेवा संस्थान को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की और प्रतिमा स्थल पर तलवार के निर्माण का खर्च स्वयं उठाने का आश्वासन दिया।
नगर परिषद अध्यक्ष उदय गुप्ता ने भामाशाह के त्याग से सीख लेने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में देव नगर पंचायत के उपाध्यक्ष गोलू गुप्ता, राहुल राज, भाजपा नेता रामरूप सिंह, जितेंद्र गुप्ता, सूरज कुमार, धर्मेंद्र गुप्ता सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।