यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Aurangabad Patna Road: इस वजह से अटक गई औरंगाबाद-पटना फोरलेन योजना, NHAI ने दिया बड़ा झटका
औरंगाबाद-पटना फोरलेन योजना अधर में लटक गई है। सासाराम से पटना तक बन रहे फोरलेन के कारण एनएचएआई ने फिलहाल इस सड़क को फोरलेन करने से इनकार कर दिया है। ए ...और पढ़ें

HighLights
- औरंगाबाद-पटना पथ के फोरलेन की नहीं है कोई योजना
- सासाराम-पटना फोरलेन होने के कारण अधर में योजना
- केंद्रीय मंत्री ने गया में की थी फोरलेन बनाने की घोषणा
जागरण संवाददाता, औरंगाबाद। औरंगाबाद के महाराजगंज (संडा) से पटना के नौबतपुर तक एनएच-139 (National Highway 139) की फोरलेनिंग योजना अधर में लटक गई है। सासाराम से पटना तक बन रहे फोरलेन के कारण उक्त सड़क को एनएचएआई ने फोरलेन करने से फिलहाल इनकार कर दिया है। फोरलेन को लेकर भेजे गए डीपीआर को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
बुधवार को एनएचएआई के एक वरीय अधिकारी ने बताया कि औरंगाबाद-पटना मुख्य पथ एनएच-139 के फोरलेनिंग करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। गया में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के मंत्री नितिन गडकरी के द्वारा एनएच-139 के फोरलेन की घोषणा के सवाल पर वे कुछ नहीं बोले पाए।
क्यों नहीं बन रहा फोरलेन?
उन्होंने कहा कि एनएचएआई के द्वारा सासाराम से पटना तक बनाई जा रही फोरलेनिंग पर ही एनएच-139 के भारी वाहनों के परिचालन को दिखाया गया है। एनएचएआई के द्वारा मंत्रालय को तर्क दिया गया है कि सासाराम से पटना तक बन रही फोरलेन के समानांतर कोई नया फोरलेन नहीं बनाया जा सकता है। एनएच-139 पर भारी वाहनों का जो दबाव है वह सासाराम-पटना फोरलेन बनने के बाद इसपर हो जाएगा।
एनएचएआई के अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में एनएच-139 के चौड़ीकरण का कोई प्रस्ताव नहीं है। अभी यह सड़क सात मीटर चौड़ी है। कुछ जगहों पर 10 मीटर है। अधिकारी के अनुसार, औरंगाबाद के संडा से पटना के नौबतपुर तक इस सड़क को 10 मीटर चौड़ा किया जाता तो सड़क दुर्घटना में कमी आती।
अंबा व ओबरा में नहीं बनेगा एलिवेटेड रोड
एनएचएआई के द्वारा अंबा और ओबरा में एलिवेटेड रोड बनाने की योजना वर्तमान में अस्वीकृत कर दिया है। सड़क के फोरलेन को लेकर बनाए गए डीपीआर में अंबा और ओबरा में एलिवेटेड रोड बनाने का प्रस्ताव तैयार कर एनएचएआइ नई दिल्ली भेजा गया था। दोनों बाजार में प्रतिदिन लग रही जाम के कारण बाइपास बनाने की मांग थी पर डीपीइआर में एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव तैयार किया गया था।
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औरंगाबाद, दाउदनगर, अरवल में बनेगा ग्रीनफील्ड बाइपास
औरंगाबाद शहरी क्षेत्र, दाउदनगर के भखरूआ और अरवल में बाइपास बनाया जाएगा। तीनों बाइपास ग्रीनफील्ड फोरलेन होगा।
एनएच के कार्यपालक अभियंता तुलसी प्रसाद ने बताया कि औरंगाबाद शहरी क्षेत्र का बाइपास एनएच-139 के खैरी से शुरू होगा जो मंजुराही होते जीटी रोड को होटल वैष्णवी मारुति सुजुकी एजेंसी के पास पार करते रायपुरा होते चतरा से आगे पवई गांव के पास एनएच-139 में मिलेगा। यहां यह बाइपास जीटी रोड के ऊपर से गंजरेगा। यह बाइपास करीब 12 किमी का होगा। दाउदगनर में भी फोरलेन बाइपास होगा।
औरंगाबाद-पटना पथ के मरम्मत पर खर्च होंगे 62 करोड़
औरंगाबाद-पटना पथ एनएच-139 का मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। औरंगाबाद से अरवल एवं हरिरहगंज तक सड़क पर उभरे गड्ढों को भरा जा रहा है। इसके बाद सड़क के ऊपर एक लेयर कालीकरण कार्य होगा। कालीकरण कार्य मार्च माह के अंतिम समय में शुरू होगा।
एनएच के कार्यपालक अभियंता तुलसी प्रसाद ने बताया कि औरंगाबाद के संडा से अरवल तक करीब 90 किमी सड़क का मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। इसके बाद ऊपर से एक लेयर कालीकरण होगा। मरम्मत पर करीब 62 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
एक संवेदक ने बताया कि कार्य कराने का ठेका लिए संवेदक ने 40 प्रतिशत कम पर लिया है। सोचा जा सकता है कि प्राक्कलन से 40 प्रतिशत कम पर किस तरह का काम होगा।
कार्यपालक अभियंता ने बताया कि मरम्मत का जो प्राक्कलन बनाया गया है उसी के अनुसार कार्य कराया जा रहा है। कार्य की नियमित जांच हो रही है। बता दें कि वर्तमान में सड़क की हालत दयनीय हो गई है। कई जगह गड्ढे उभर आया है।