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    औरंगाबाद वासियों का खत्म होगा इंतजार, पहली बार रेल नक्शे से जुड़ेगा जिला मुख्यालय

    Updated: Fri, 26 Jun 2026 07:25 PM (IST)

    औरंगाबाद की बहुप्रतीक्षित अनुग्रह नारायण रोड-औरंगाबाद नई रेल लाइन परियोजना पर अब तेजी से काम हो रहा है। यह 13 किलोमीटर लंबी लाइन जिले को पहली बार सीधे ...और पढ़ें

    औरंगाबाद वासियों का खत्म होगा इंतजार, पहली बार रेल नक्शे से जुड़ेगा जिला मुख्यालय (AI Generated Image)

    औरंगाबाद वासियों का खत्म होगा इंतजार, पहली बार रेल नक्शे से जुड़ेगा जिला मुख्यालय (AI Generated Image)

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    जागरण संवाददाता, औरंगाबाद। जिले की सबसे बहुप्रतीक्षित रेल परियोजनाओं में शामिल अनुग्रह नारायण रोड-औरंगाबाद नई रेल लाइन एक बार फिर चर्चा में है। वर्षों तक फाइलों में उलझी रहने के बाद अब परियोजना पर जमीन पर गतिविधियां तेज होने लगी हैं।

    सवाल यह है कि आखिर जिले के लोगों का इंतजार कब खत्म होगा और ट्रेन सीधे औरंगाबाद टर्मिनल तक कब पहुंचेगी? यह परियोजना लगभग 13 किलोमीटर लंबी अनुग्रह नारायण रोड-औरंगाबाद टर्मिनल रेल लाइन का पहला चरण है। आगे इसे बिहटा-अनुग्रह नारायण रोड नई रेल लाइन से जोड़ने की योजना है।

    पूरी परियोजना लगभग 117 किलोमीटर लंबी है और इसकी अनुमानित लागत करीब 4,075 करोड़ रुपये है। रेलवे और विभिन्न सार्वजनिक दस्तावेजों के अनुसार, अनुग्रह नारायण रोड-औरंगाबाद खंड पर निर्माण और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

    इसके बाद दूसरे चरण में बिहटा से अनुग्रह नारायण रोड तक नई लाइन बिछाई जाएगी। परियोजना पूरी होने पर पटना, अरवल और औरंगाबाद के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा। जमीन अधिग्रहण में अधिकारियों को परेशानी हो रही है।

    कुछ गांव के किसान जमीन देने को तैयार नहीं हैं, हालांकि अधिकारी उन्हें मनाने में लगे हैं। परियोजना को रेल मंत्रालय हर हाल में धरातल पर उतारना चाहती है। अब तक औरंगाबाद मुख्यालय रेल से नहीं जुड़ा है।

    औरंगाबाद के लिए महत्वपूर्ण है रेल लाइन

    औरंगाबाद आज भी सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ा नहीं है। लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए अनुग्रह नारायण रोड स्टेशन तक सड़क मार्ग से जाना पड़ता है। औरंगाबाद से अनुग्रह नारायण रोड की दूरी करीब 13 किमी है।

    नई लाइन बनने से जिला मुख्यालय पहली बार सीधे रेल मानचित्र पर आएगा। इससे व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और पर्यटन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

    जमीन अधिग्रहण सबसे बड़ी चुनौती

    परियोजना की सबसे बड़ी चुनौती भूमि अधिग्रहण और विभिन्न प्रशासनिक स्वीकृतियां रही हैं। हालांकि हाल के महीनों में रेलवे ने इसे प्राथमिकता वाली परियोजनाओं में शामिल करते हुए कार्य में तेजी लाने के संकेत दिए हैं।

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    जिले के लोगों का मानना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित गति से चलता रहा तो वर्षों पुराना सपना शीघ्र साकार हो सकता है।

    11 मौजा के जमीन का होगा अधिग्रहण

    औरंगाबाद-अनुग्रह नारायण रोड रेल परियोजना के लिए जमीन का अधिग्रहण 11 मौजा से किया जाना है। अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह ने बताया कि नौ मौजा की जमीन चिह्नित कर ली गई है। मापी हो गई है। दो मौजा की जमीन चिह्नित किया जाना बाकी है। जमीन अधिग्रहण का कार्य तेजी से किया जा रहा है।