Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    1342 किमी सड़कें बनेंगी, 13 अरब की योजना; औरंगाबाद के गांवों को मिलेगी नई कनेक्टिविटी, देखें ड‍िटेल

    Updated: Sat, 25 Apr 2026 09:45 AM (IST)

    औरंगाबाद जिले में मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क उन्नयन योजना के तहत 614 सड़कों का निर्माण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। 1342.16 किलोमीटर लंबी इन सड़कों पर 13 अ ...और पढ़ें

    औरंगाबाद में 614 सड़कों का न‍िर्माण। सांकेत‍िक तस्‍वीर

    औरंगाबाद में 614 सड़कों का न‍िर्माण। सांकेत‍िक तस्‍वीर

    HighLights

    1. औरंगाबाद में 614 ग्रामीण सड़कों का होगा निर्माण।

    2. 1342 किमी सड़कों पर 13 अरब से अधिक खर्च।

    3. ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य सड़कों से जोड़ने का लक्ष्य।

    जागरण संवाददाता, औरंगाबाद। मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क उन्नयन योजना के तहत जिले में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।

    वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान कुल 614 सड़कों का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण कराया जाएगा। इन योजनाओं को वर्ष 2024-25 में स्वीकृति मिली थी।

    करीब 1342.16 किलोमीटर लंबी सड़कों के निर्माण पर लगभग 13 अरब 1 करोड़ 69 लाख 37 हजार 371 रुपये खर्च करने की प्रशासनिक मंजूरी दी गई है।

    कई सड़कों पर निर्माण कार्य शुरू भी हो चुका है। योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को प्रमुख सड़कों से जोड़ना और जर्जर मार्गों का पुनर्निर्माण करना है।

    अधिकारियों के अनुसार, दो वर्षों के भीतर सभी परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

    प्रखंडवार सड़कों की स्थिति

    जिले में सबसे अधिक स्वीकृति नवीनगर प्रखंड को मिली है, जहां 249.6 किमी सड़कों पर 2.39 अरब रुपये खर्च किए जाएंगे।

    • औरंगाबाद सदर प्रखंड : 138.87 किमी (46 सड़कें) – 1.24 अरब रुपये
    • बारुण प्रखंड : 125.55 किमी (71 सड़कें) – 1.26 अरब रुपये
    • दाउदनगर प्रखंड : 53.92 किमी (38 सड़कें) – 52.69 करोड़ रुपये
    • देव प्रखंड : 131.15 किमी (62 सड़कें) – 1.05 अरब रुपये
    • गोह प्रखंड : 140.19 किमी (61 सड़कें) – 1.50 अरब रुपये
    • हसपुरा प्रखंड : 29.12 किमी (18 सड़कें) – 33.64 करोड़ रुपये
    • कुटुंबा प्रखंड : 130.08 किमी (47 सड़कें) – 1.20 अरब रुपये
    • मदनपुर प्रखंड : 133.25 किमी (68 सड़कें) – 1.06 अरब रुपये
    • ओबरा प्रखंड : 97.60 किमी (49 सड़कें) – 1.11 अरब रुपये
    • रफीगंज प्रखंड : 112.84 किमी (55 सड़कें) – 1.30 अरब रुपये

    सात वर्षों तक मेंटेनेंस अनिवार्य

    निर्माण कार्य जिन एजेंसियों को सौंपा गया है, उन्हें सात वर्षों तक सड़कों का रखरखाव करना होगा। साथ ही पांचवें वर्ष एक परत (री-कार्पेटिंग) का कार्य अनिवार्य रूप से कराना होगा, ताकि सड़कों की गुणवत्ता बनी रहे।

    कुछ योजनाओं की प्रगति धीमी

    हालांकि 614 सड़कों को दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है, लेकिन कई योजनाओं की प्रगति धीमी है। कुटुंबा प्रखंड में सिमरा पथ समेत कुछ सड़कों की स्थिति संतोषजनक नहीं है।

    वहीं नवीनगर-टंडवा रोड से गजनाधाम तक लगभग छह किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण 10 मई 2025 से शुरू हुआ था, जिसे 9 मई 2026 तक पूरा किया जाना था।

    अब तक इस पर केवल करीब 17 प्रतिशत कार्य ही हो सका है, जबकि लगभग 57 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। समयसीमा को देखते हुए शेष कार्य को समय पर पूरा करना चुनौती बना हुआ है।

    कुल मिलाकर, योजना जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विकास की नई राह खोल सकती है, बशर्ते निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए।