औरंगाबाद में रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हुए दरोगा, नाली विवाद सुलझाने में मांगी थी घूस
औरंगाबाद के रिसीयप थाना में पदस्थापित एक दरोगा को निगरानी विभाग की टीम ने डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। ...और पढ़ें
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औरंगाबाद में निगरानी टीम के साथ दरोगा उमेश कुमार (ब्लू शर्ट में)
HighLights
औरंगाबाद दरोगा डेढ़ लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार।
निगरानी विभाग की टीम ने पटना से आकर की कार्रवाई।
नाली-गली विवाद सुलझाने के लिए मांगी थी घूस।
जागरण संवाददाता, औरंगाबाद। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) पटना की टीम ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए रिसियप थाना में पदस्थापित दारोगा उमेश कुमार को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई थाना परिसर के पीछे स्थित पंचायत सरकार भवन के सामने सड़क पर की गई। निगरानी डीएसपी संतोष कुमार ने बताया कि रिसियप थाना क्षेत्र के तेंदुआ गणपत गांव निवासी ग्रामीण चिकित्सक डॉ. लक्ष्मण राम ने निगरानी थाना में 24 जुलाई को लिखित आवेदन देकर मारपीट के मामले में दर्ज प्राथमिकी के अनुसंधानकर्ता उमेश कुमार के द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत की।
शिकायत के बाद निगरानी की टीम ने जांच की। जांच में दारोगा के द्वारा रिश्चत मांगने की शिकायत सही पाई गई। निगरानी डीएसपी ने बताया कि दारोगा के द्वारा डॉ. लक्ष्मण से उनके केस में राहत देने के नाम पर दो लाख रिश्वत मांगी गई थी। डेढ़ लाख पर तय हुई थी। बाद में एक लाख पर बात बनी। शिकायत सत्य पाए जाने के बाद निगरानी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया।
तय योजना के तहत जैसे ही शिकायतकर्ता डॉ. लक्ष्मण से दारोगा ने थाना के पीछे सड़क पर 50 हजार रुपये रिश्चत ली निगरानी टीम ने मौके पर ही उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
बताया गया कि डॉ. लक्ष्मण का गांव के मदन राम के साथ नाली-गली का विवाद चल रहा है। 14 जुलाई को दोनों पक्ष के बीच मारपीट हुई। डा. लक्ष्मण राम घायल हो गए। मामले में थाना की पुलिस ने दोनों पक्ष से प्राथमिकी की थी।
दोनों प्राथमिकी के अनुसंधानकर्ता दारोगा उमेश कुमार बने। लक्ष्मण ने बताया कि थाना की पुलिस के द्वारा दोनों पक्ष से प्राथमिकी होने के बाद गिरफ्तार दारोगा ने मामले में मदद के नाम पर दो लाख रिश्वत मांगे थे। बाद में डेढ़ लाख उसके बाद एक लाख पर माने थे।
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इसमें 50 हजार रुपये वे रिश्वत लिए इसके बाद निगरानी की टीम ने उन्हें गिरफ्तार किया। लक्ष्मण ने बताया कि रिश्वत की राशि देने में विलंब होने पर गिरफ्तार दारोगा के द्वारा कई तरह की लगातार धमकी दी जा रही थी।
पाक्सो एक्ट में उनके अलावा उनके पुत्र समेत अन्य स्वजन को जेल भेजने से लेकर अन्य तरह के धमकी दिए थे। दारोगा को निगरानी की टीम पटना ले गई है।