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    धरती पर आए एक साथ, अंत्‍येष्‍ट‍ि भी साथ ही हुई; जुड़वा भाइयों का ये कैसा कनेक्‍शन? हैरान हैं लोग

    By Om Praksh Sharma Edited By: Vyas Chandra
    Updated: Fri, 02 Jan 2026 05:40 PM (IST)

    औरंगाबाद के अंबा थाना क्षेत्र के चिल्हकी गांव में एक अनोखी घटना सामने आई है। मथुरा प्रजापति (95) के निधन के आधे घंटे बाद ही उनके जुड़वा भाई सुखलाल प्र ...और पढ़ें

    दोनों भाइयों की अर्थी एक साथ ले जाते लोग। जागरण

    दोनों भाइयों की अर्थी एक साथ ले जाते लोग। जागरण

    HighLights

    1. औरंगाबाद में जुड़वा भाइयों की एक साथ मृत्यु।

    2. मथुरा प्रजापति के निधन के बाद सुखलाल का देहांत।

    3. दोनों भाइयों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया।

    संवाद सूत्र, अंबा, (औरंगाबाद)। साथ जीयेंगे, साथ मरेंगे...। अमूमन फिल्‍मों में ऐसा होता है, लेकिन औरंंगाबाद में ऐसी घटना सच में हुई है। 

    अंबा थाना क्षेत्र के चिल्हकी गांव में शुक्रवार सुबह एक साथ जन्‍म लेने वाले जुड़वा भाइयों की एक साथ मौत चर्चा का विषय बनी रही। दोनों भाई बुजुर्ग थे। लोग इसे ईश्‍वर की लीला बता रहे।  

    दरअसल हुआ यह कि मथुरा प्रजापति करीब 95 वर्ष के थे। हालांक‍ि आधार कार्ड की उम्र 85 वर्ष थी। उनका निधन हो गया।

    गमगीन माहौल में शव को अंत्‍येष्‍ट‍ि के लिए ले जाने की तैयारी हो रही थी। करीब आधा घंटा ही बीता कि उनके जुड़वा भाई सुखलाल प्रजापत‍ि का भी निधन हो गया। 

    मथुरा बड़े जबक‍ि सुखलाल छोटे थे। खबर सुनकर सभी सन्‍न रह गए। दो घरों में मातम पसर गया। बड़ी संख्‍या में लोग वहां पहुंचने लगे। दोनों भाइयों का साथ में जन्म और साथ में मृत्यु को भगवान की कृपा बता रहे हैं।

    परिजन एवं ग्रामीणों ने दोनों भाइयों के शव का गाजे बाजे तथा पूरे रीति रिवाज के साथ चिल्हकी गांव स्थित बतरे नदी स्थित घाट पर अंतिम संस्कार किया।

    ग्रामीणों के अनुसार दोनों के दो-दो पुत्र हैं। दोनों भाई गांव पर हीं कृषि कार्य करते थे। इसके साथ हीं पुश्तैनी धंधा भी उनका आधार था। दोनों भाइयों की एक साथ मौत पर उनके बच्चों में भारी दुख व्याप्त है।