Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 21, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Bhumi: जमीन मालिकों के लिए राहत की खबर, सरकार ने बेहद आसान कर दिया रजिस्ट्री का काम

    Updated: Fri, 21 Mar 2025 06:25 PM (IST)

    अब भूमि का निबंधन (रजिस्ट्री) बिना वसीका नवीस की मदद के ऑनलाइन किया जा सकता है। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए आपको स्वयं जानकारी होनी चाहिए या किसी ...और पढ़ें

    सरकार ने बेहद आसान कर दिया रजिस्ट्री का काम (प्रतीकात्मक तस्वीर)
    सरकार ने बेहद आसान कर दिया रजिस्ट्री का काम (प्रतीकात्मक तस्वीर)

    HighLights

    1. बगैर वसीका नवीस के कर सकते हैं जमीन निबंधन
    2. दाउदनगर निबंधन कार्यालय में ई-निबंधन सेवा उपलब्ध
    3. अधिवक्ता, डीड राइटर की मदद या स्वयं भर सकते हैं प्रविष्टि
    4. एमवीआर के चयन का कोई विकल्प उपलब्ध नहीं

    उपेंद्र कश्यप, दाउदनगर (औरंगाबाद)। अनुमंडल कार्यालय परिसर स्थित निबंधन कार्यालय में अब लोग भूमि का निबंधन (रजिस्ट्री) बगैर वसीका नवीस के कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें स्वयं जानकारी होनी चाहिए या किसी साइबर कैफे की मदद से निबंधन संबंधित दस्तावेज की प्रक्रिया को पूरा करना होगा। बता दें कि वसीका नवीस दस्तावेज (डॉक्युमेंट्स) लिखने वाले व्यक्ति को कहते हैं।

    अवर निबंधन पदाधिकारी अमित प्रकाश ने बताया कि जमीन से संबंधित न्यूनतम मूल्य जिसे एमवीआर कहा जाता है उसके चयन का ऑप्शन नहीं है। जब जमीन संबंधी विवरण भरेंगे तो यह कॉलम स्वयं ही ले लेगा और फिर उसके हिसाब से निबंधन के लिए टैक्स देना होता है। इसमें एंपावरमेंट, डीड, प्रविष्टियां सबके विकल्प उपलब्ध हैं।

    उन्होंने आगे कहा कि ऑनलाइन आवेदन करने के बाद आवेदक को एक तिथि और अंक प्राप्त होता है। निर्धारित समय पर वह निबंधन कार्यालय जाएंगे और अन्य कार्य पूर्ण हो जाते हैं। इससे भूमि विक्रेता एवं क्रेता को समय की बचत होती है।

    सूत्रों की मानें तो ऐसा करने से कई प्रकार के अतिरिक्त खर्च की बचत भूमि विक्रेता और क्रेता को होती है।

    भूमि से संबंधित देय शुल्क का ऑनलाइन भुगतान

    भूमि से संबंधित जो चालान है वह ऑनलाइन भुगतान किया जा सकता है। बैंक के माध्यम से भी जमा कर उसकी एंट्री करनी होती है। स्टांप की पूरा डिटेल डालनी होती है। एनइएल यानी अवभार प्रमाणपत्र और एलपीसी समेत कई दस्तावेज भी ऑनलाइन सबमिट किए जाते हैं।

    इतना लगता है शुल्क

    • भूमि क्रय विक्रय को लेकर कई प्रकार के निर्धारित शुल्क लिए जाते हैं। स्टांप ड्यूटी छह प्रतिशत और दो प्रतिशत निबंधन शुल्क लगता है।
    • कोई स्त्री विक्रेता हो और पुरुष क्रेता तो 6.3 प्रतिशत स्टांप शुल्क और 2.1 प्रतिशत निबंधन शुल्क लगता है।
    • विक्रेता पुरुष और क्रेता स्त्री हो तो यह स्टांप शुल्क 5.7 प्रतिशत और निबंधन शुल्क 1.9 प्रतिशत लगता है।

    खबरें और भी

    नए सॉफ्टवेयर से 2,900 निबंधन

    अवर निबंधन पदाधिकारी अमित प्रकाश ने बताया कि 29 अक्टूबर 2024 से सभी निबंधन ऑनलाइन हो रहे हैं। अभी तक 2,900 निबंधन नए सॉफ्टवेयर से हो चुका है। उन्होंने बताया कि पहले जो सॉफ्टवेयर था, वह पब्लिक डोमेन में उपलब्ध नहीं था। अब पब्लिक डोमेन में है और सभी निबंध इसी से हो रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि डीड राइटर, अधिवक्ता या आमलोग अपना आईडी बनाकर ऑनलाइन प्रविष्टि दाखिल करते हैं और उन्हें समय मिल जाता है। इसी प्रक्रिया से अब निबंधन किया जा रहा है।

    ये भी पढ़ें- Bihar Bhumi: बिहार के इस जिले में जमीन की कीमत का सर्वे शुरू, 2 से 3 गुना तक बढ़ सकता है MVR

    ये भी पढ़ें- Bihar Bhumi: जमीन के डॉक्युमेंट नहीं हैं तो कैसे होगा सर्वे? बंटवारे को लेकर भी सामने आई जानकारी